शरीर में पानी भरने से भी हाथ-पैरों में बढ़ जाती है सूजन! ऐसा होने पर करें ये 4 काम, मिलेगा आराम

Tips to reduce water retention in body : अगर आपके भी हाथ-पैरों में बेवजह सूजन दिखाई देने लगती है तो इसके पीछे कहीं न कहीं शरीर में पानी की मात्रा जिम्मेदार हो सकती है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 23, 2021 7:37 PM IST

Tips to reduce water retention in body : शरीर के लिए पानी बहुत ही जरूरी है फिर चाहे वे पीना हो या फिर शरीर से बाहर निकालना। दोनों ही स्थितियों में शरीर के लिए पानी बहुत जरूरी होता है लेकिन जब जरूरत से ज्यादा पानी शरीर में भर जाता है तो दिक्कत देने लगता है। जी हां, शरीर में पानी की ज्यादा मात्रा किसी भी व्यक्ति को बीमार बना सकती है। यही कारण है कि बहुत से लोगों के हाथ, पैर, एड़ी और टांगों में सूजन दिखाई देने लगती है। शरीर में पानी की ज्यादा मात्रा सूजे हुए अंगों में चुभन और तेज दर्द का अहसास कराती है। अगर आपके भी हाथ-पैरों में बेवजह सूजन दिखाई देने लगती है तो इसके पीछे कहीं न कहीं शरीर में पानी की मात्रा जिम्मेदार हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे आप इस स्थिति को ठीक कर सकते हैं।

आखिर शरीर में कहां जमा होता है पानी

कोई भी व्यक्ति वाटर रिटेंशन नाम की इस बीमारी से परेशान तब होता है, जब उसका शरीर मिनरल लेवल को ठीक तरीके से संतुलित नहीं कर पाता है। शरीर में पानी जमा होने का मतलब है शरीर के अंदर मौजूद टिशूज में पानी का भर जाना, जिससे हमारे हाथ-पैर और एड़ी समेत शरीर के बाहरी अंग फूलने लगते हैं। सिर्फ इसी कारण से नहीं बल्कि शरीर में नमक की मात्रा बढ़ जाने के कारण भी ये समस्या पैदा हो जाती है।

शरीर में पानी जमा हो जाने के लक्षण

1-हाथ- पैरों का सूज जाना

2-भूख न लगना

3-पैरों, एड़ियों और टांगों में दर्द

4-फूली हुई उंगलियां

5-उंगलियों में अंगूठी का टाइट हो जाना

6-अचानक वजन बढ़ना

7-त्वचा पर निशान पड़ना

8-हाइपोथायराइड की समस्या होना

9-पेट में भारीपन महसूस होना

कैसे करें वाटर रिटेंशन की समस्या का इलाज

हार्वर्ड अफिलिएटेड बिघ्रम और हर्ट फेलियर और वुमन हॉस्पिटल के स्पेशलिस्ट डॉ एल्ड्रिन लुईस ने बताया है कि भूलकर भी वाटर रिटेंशन जैसी समस्या का उपचार कभी भी खुद से नहीं करना चाहिए। हालांकि आप जीवनशैली में परिवर्तन कर कुछ जोखिम कारकों को कम कर सकते हैं लेकिन डॉक्टर से उपचार के सिवाए आपके पास कोई खास विकल्प नहीं है।

जीवनशैली में करें कौन से बदलाव

कम लें नमकः किसी भी व्यक्ति को रोजाना 2,300 मिलीग्राम सोडियम यानी की 1 चम्मच से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए। खाने में नमक की मात्रा कम कर दूसरी चीज का स्वाद ज्यादा लें। नमक को पानी में घोलकर पीने की कोशिश तो भूलकर भी न करें।

ज्यादा चटपटा खाने से बचेंः इस समस्या में बाहर का खाना खाने से बचें बाहर के खाने में अक्सर नमक की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो संतुलन बिगाड़ने का काम करती है और शरीर में पानी जमा हो जाता है।

​क्या खाएं क्या नहींः इस समस्या के शिकार लोगों को हाइड्रेट रहना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से शरीर में जल नहीं रुकता है। इसके अलावा आप अजवाइन, तरबूज और खीरा या पानी वाले सूप, दलिया भी ले सकते हैं।

एक जगह पर न बैठें ज्यादा देरः एक जगह पर ज्यादा देर बैठने या लेटने से ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है और ब्लड जम जाता है। इसलिए हमेशा इधर-उधर घूमते रहें, रुके नहीं।

​पैरों को उठाएं रखने की कोशिश करेंः पैरों और टखनों में पानी न जमा हो उसके लिए पैरों को ऊपर उठाकर की जाने वाली कुछ एक्सरसाइज करें। ऐसा करने से पैरों में पानी जमा नहीं होगा और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा।

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