अल्जाइमर रोग बुजुर्गों को होने वाला रोग है जो रोगी के साथ परिवार के लिए भी खतरनाक है। यह गंभीर इसलिए है क्योंकि एक बार इसे शुरू होने के बाद इसका कोई निश्चित उपचार नहीं होता है। हालांकि कुछ दवाओं से आराम मिल सकता है। नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉक्टर प्रणव कुमार के अनुसार, परिवार के लोगों को अल्जाइमर से पीड़ित का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। डॉ. कुमार आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं जिनके जरिये आप आसानी से अल्जाइमर रोगियों की उचित देखभाल और सपोर्ट कर सकते हैं।
उनके साथ वाक पर जाएं और उनसे कुछ सिंपल एक्सरसाइज कराएं। इससे इस बीमारी के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।
एक आईडी ब्रेसलेट, या उनके पास उनका नाम, पता या किसी रिलेटिव का फोन नंबर होना चाहिए।
बीमारी के पहले चरण में उनके बिस्तर के पास क्लोज फैमिली मेंबर या फ्रेंड का फोन नंबर जरूर रखें।
उन्हें ताजे फल और सब्जियां खाने को दें।
उनकी साफ-सफाई रखें, विशेष रूप से पेरनीयम, ग्रोइन, आर्म्पिट्स आयर फीट की सफाई रखें।
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घर को सुरक्षित बनाएं जैसे आप छोटे बच्चे के लिए करते हैं। कोआर्डिनेशन की कमी से व्यक्ति अस्थिर हो सकता है।
स्मूथ सोल वाले जूतों से बचें, एंटी-स्किड फुटवियर ही लें।
वाशरूम में हैण्ड ग्रिप्स लगवाएं, वाशरूम के दरवाजे ऐसे होने चाहिए जिससे एमरजेंसी में बाहर से खुल सकें।
कीटनाशक, मच्छर की दवाएं, साफ-सफाई के अन्य सामान को सुरक्षित तरीके से रखें।
जलने से बचने के लिए गीजर के थर्मोस्टेट को लगभग 450 सी पर रीसेट करें। इस्तेमाल नहीं होने वाले इलेक्ट्रिक वाल आउटलेट्स कवर रखें।
घर में बड़ा मिरर ना रखें। बड़े मिरर से मरीज कन्फ्यूज्ड हो सकते हैं।
बर्नर के लिए गैस सप्लाई के लिए कम से कम दो स्विच लगवाएं।
लाइटर, माचिस, प्रेस, बर्नर, माइक्रोवेव, हेयर ड्रायर आदि को सुरक्षित तरीके से रखें।
अगर संभव हो किचन में स्मोक डिटेक्टर लगवाएं। अल्जाइमर के रोगियों को स्मेल से परेशानी हो सकती है। वे टॉयलेट या कॉस्मेटिक की स्मेल और फूड्स की स्मेल को लेकर भ्रमित हो सकते हैं।
फर्नीचर के सभी तेज कोनों पर कुछ गद्देदार चीज लगाएं, इसके अलावा हेयर पिंस, नेल कटर, कैंची, चाकू, स्क्रू-ड्रायवर को सुरक्षित रूप से रखें।
फ्रिज में बासी खाना ना रखें। इसके लिए नियमित रूप से फ्रिज की जांच करते रहें।
उन्हें सुनने और स्वाद को लेकर समस्या हो सकती है। शोर उन्हें विचलित कर सकता है।
सभी दवाएं और अल्कोहलिक ड्रिंक्स को सुरक्षित तरीके से रखा जाना चाहिए।
नियमित रूप से उनका चेकअप कराएं। उन्हें हाईबीपी, डायबिटीज आदि रोग भी हो सकते हैं।
आखिरी के चरण में उनकी बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। बाद के चरणों में उन्हें डायपर की आवश्यकता हो सकती है।
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