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यूटीआई और ब्लैडर इंफेक्शन (uti and bladder infections) दोनों ही एक गंभीर समस्या है। ये समस्या पुरुष हो या महिला किसी को भी हो सकती है। यूटीआई (UTI Infection) बेहद ही सामान्य प्रकार का संक्रमण है जो कि यूरिनरी ट्रैक्ट के कई हिस्से होते हैं। वहीं, ब्लैडर इंफेक्शन (Bladder Infection) की करें तो, यह संक्रमण ब्लैडर में बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है जो कि इस अंग में सूजन पैदा कर देता है। ये दोनों ही संक्रमण न केवल मूत्राशय में नहीं फैलता, बल्कि आपके गुर्दे में भी फैल सकता है जो बढ़न अधिक गंभीर हो सकता है। ऐसे में आपक कुछ नेचुरल टिप्स की मदद से इन दोनों ही समस्याओं से बचे रह सकते हैं। कैसे आइए, तो जानते हैं इन टिप्स (how to prevent uti and bladder infections) के बारे में।
नियमित रूप से यूरिनरी ट्रैक्ट को फ्लश करने से बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है और यूटीआई व ब्लैडर इंफेक्शन से बचाता है। इसलिए हर दिन ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं ताकि ये आपके ब्लैडर की सफाई करे। इसके अलावा आप हाइड्रेटिंग फ्रूट्स और लिक्विड का भी सेवल कर सकते हैं जो कि आपके शरीर में यूरिनेशन प्रोसेस को सही रखता है।
पेशाब रोकने से बैक्टीरियल इंफेक्शन के बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। इसके अलावा ये इंफेक्शन को फैला कर कई दूसरे अंगों तक भी ले जा सकता है। इसलिए अगर आपको ब्लैडर और यूटीआई इंफेक्शन से बचना है तो आपको कोशिश करनी चाहिए कि जैसे कि पेशाब लगे आप तुरंत अपना ब्लैडर खाली करें ताकि बैक्टीरिया फ्लश ऑउट हो जाए।
बर्थ कंट्रोल चीजों का इस्तेमाल करना महिलाओं में यूटीआई विकसित होने का खतरे को बढ़ता है। खास कर कि डायाफ्राम का उपयोग करना। ऐसे में जन्म नियंत्रण के अन्य विकल्पों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
अंडरवियर का सही चुनाव बच्चों, पुरुषों और महिलाओं तीनों के लिए बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि सिंथेटिक कपड़े नमी को फंसाते हैं और संक्रमण के लिए सही प्रजनन स्थल बनाते हैं। अगर आप यूटीआई से ग्रस्त हैं, तो ढीले-ढाले बॉटम्स पहनें, जिससे योनि के चारों ओर हवा का संचार हो सके। साथ ही रात में कोशिश करें कि अंडरवियर पहन कर ना सोएं।
दही, ठंडा चावल और खट्टी चीजें प्रोबायोटिक्स के रूप में काम करते हैं और गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। ये पीएच लेवल को सही रखते हैं और बैक्टीरियल इंफेक्शन को बढ़ने से रोकते हैं। इसलिए अगर आपको यूटीआई और ब्लैडर इंफेक्शन हो जाए तो आपको इन प्रोबायोटिक फूड्सका ज्यादा सेवन करना चाहिए।
प्रोएंथोसायनिडिन (PACs) क्रैनबेरी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले यौगिक हैं। शोध बताते हैं कि ये मूत्र पथ के संक्रमण को रोकने में मदद कर सकते हैंऔर महिलाओं के लिए तो ये खास कर फायदेमंद हैं। इसलिए कम से कम 36 मिलीग्राम क्रैनबेरी जूस रोज पिएं जो कि आपको इंफेक्शन से बचाव में मददगार है।
विटामिन सी का सेवन आपको ब्लैडर और यूटीआई इंफेक्शन दोनों से बचाव में मदद कर सकता है। अध्ययन में पाया गया कि विटामिन सी का सुरक्षात्मक प्रभाव होता है, जो यूटीआई के जोखिम को आधे से अधिक कम कर देता है। फल और सब्जियां विशेष रूप से विटामिन सी से भरपूर होती हैं और आपके सेवन को बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है। इसलिए लाल मिर्च, संतरे, अंगूर, और कीवीफ्रूट जैसे विटामिन सी से भरपूर फलों को खाएं।
अदरक की चाय रोगाणुरोधी गुण कई जीवाणुओं के खिलाफ बहुत शक्तिशाली हो सकते हैं। अदरक यूटीआई के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है। अदरक को चबाना, अदरक का रस या अदरक की चाय पीना यूटीआई के इलाज में कारगर हो सकता है।
ज्यादा तेल मसालों का सेवन करना आपको बीमार बना सकता है। दरअसल, ये सिर्फ दूसरे नुकसान नहीं पहुंचाता बल्किन यूटीआई इंफेक्शन को और भी बढ़ा सकता है। ये यूटीआई और ब्लैडर इंफेक्शन में जलन और दर्द को बढ़ाता है। इसलिए इस दौरान ठंडी चीजों का सेवन करें।
फेमिनिन डिओडोरेंट स्प्रे, वेजाइनल क्लीनजिंग प्रोडक्ट्स और पाउडर, बबल बाथ लिक्विड और बाथ ऑयल मूत्रमार्ग और योनि में जलन पैदा कर सकते हैं, जिससे आपके संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। साथी ये वजाइनल पीएच को भी बदल सकते हैं और अंततः मूत्र पथ के संक्रमण का कारण बन सकते हैं।