Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

मॉनसून में बढ़ सकती हैं अस्थमा पेशेंट्स की तकलीफें, इस तरह करें कंडीशन को मैनेज

अस्थमा के मरीजों के लिए बरसात का मौसम मुश्किलभरा हो सकता है। क्योंकि हवा में बढ़ने वाली ठंड के कारण उनकी हेल्थ कॉम्प्लिकेशन्स बढ़ सकती हैं।

मॉनसून में बढ़ सकती हैं अस्थमा पेशेंट्स की तकलीफें, इस तरह करें कंडीशन को मैनेज

Written by Sadhna Tiwari |Updated : July 24, 2024 2:54 PM IST

Asthma Care In Monsoon: बरसात के मौसम में बारिश की ठंडी-ठंडी फुहारे जहां तन और मन को राहत देती हैं वही, ठंड बढ़ जाने से कुछ लोगों की समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। जैसे अस्थमा के मरीजों के लिए बरसात का मौसम मुश्किलभरा हो सकता है। क्योंकि हवा में बढ़ने वाली ठंड के कारण उनकी हेल्थ कॉम्प्लिकेशन्स  (Health complication of asthma patients in monsoon) बढ़ सकती हैं।  दरअसल, बरसात की वजह से हवा में नमी बढ़ जाती है और आसपास फंगस जैसे कारणों से इंफेक्शन्स का खतरा भी बढ़ सकता है। इस वजह से सांस लेने से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का रिस्क भी बढ़ सकता है और अस्थमा अटैक का रिस्क भी बढ़ सकता है। ऐसे में अस्थमा मरीजों को अपना ख्याल किस तरह रखना चाहिए और वे खुद की कंडीशन को किस तरह मैनेज कर सकते हैं, पढ़ें यहां।

मॉनसून में क्यों रहना चाहिए अस्थमा मरीजों को सावधान

बरसात के मौसम में वातावरण में अचानक से कई बड़े बदलाव होने लगते हैं। बरसात के दिनों में ही फूलों से पोलेन या पराग कण बाहर निकलने लगते हैं और हवा में फैल जाते हैं। बरसात के दिनों में गर्मी और उमस भी बढ़ जाती है जो फफूंद या फंगस (fungus) बढ़ाने का काम करती है। ये सभी स्थितियां अस्थमा को गम्भीर बनाने का काम करती हैं।

इन सबके अलावा मॉनसून में हवा में सल्फर डाईऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसेस की मात्रा भी बढ़ने लगती है। यह हवा में घुलकर सांस के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करती हैं। परिणामस्वरूप सांस लेने से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं और अस्थमा के मरीजों में अटैक आने के मामले बढ़ जाते हैं।

Also Read

More News

मॉनसून में जरूर रखें इन बातों का ध्यान (Tips For Asthma Patients In Mnoon)

हमेशा पास रखें इनहेलर

अस्थमा अटैक जैसी स्थितियों से निपटने के लिए आप अपना इनहेलर हमेशा अपने आसपास ही रखें। घर से बाहर जाना हो तो इनहेलर (Asthma Inhaler) अपने बैग में ही रखें।

सर्दी-जुकाम का करें इलाज

जैसा कि अस्थमा के मरीजों को बार-बार सर्दी-जुकाम और कफ बढ़ने जैसी समस्याएं होती रहती हैं। ऐसे में उन्हें नजरअंदाज करना ठीक नहीं। ये समस्याएं अस्थमा अटैक का कारणभी बन सकती हैं। इसीलिए, जब भी आपको सर्दी-जुकाम हो तो उसके सही इलाज के लिए डॉक्टर से सम्पर्क करें।

पीएं गुनगुना पानी

अस्थमा से जुड़ी समस्याओं को बढ़ने से रोकने के लिए बरसात के मौसम में गुनगुना पानी पीएं। इससे सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से भी आराम मिलेगा।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

हेल्दी डाइट

सीजनल सब्जियों, प्रोटीन रिच फूड्स का सेवन इस मौसम में अधिक करें।