30 की उम्र में युवाओं को हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह हैं ये 3! एक्सपर्ट ने बताया कैसे रह सकते हैं आप सेफ

मौजूदा वक्त में 30 की उम्र के बाद भी लोग ह्रदय रोग का शिकार हो रहे हैं। आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय, जिसे फॉलो कर आप अपने हार्ट को सेफ रख सकते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : July 11, 2022 12:40 PM IST

दुनियाभर में ह्रदय रोग से मरने वाले लोगों की संख्या दूसरे रोगों के मुकाबले हमेशा ज्यादा होती है। आलम ये है कि एक समय में ह्रदय रोगों से मरने वाले लोगों की उम्र 50 पार होती है, जो कि अब घटकर 35 से 40 हो गई है। मौजूदा वक्त में 30 की उम्र के बाद भी लोग ह्रदय रोग का शिकार हो रहे हैं। बहुत से फिल्म स्टार्स और कई सेलेब्रिटी भी हार्ट अटैक का शिकार हो चुके हैं। युवाओं में बढ़ रहे ह्रदय रोगों के मामलों को देखते हुए हार्ट हॉस्पिटल पटना के मैनेजिंग डायरेक्टर और चैयरमैन डॉ. राजन ठाकुर ने इसके पीछे की वजह और कैसे इस स्थिति से निपटा जा सकता है, इसके उपाय बताए हैं। आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट।

सवालः ऐसी कौन सी स्वास्थ्य स्थितियां हैं, जो हार्ट अटैक का कारण बनती हैं? पोस्ट कोविड के दौर में जवान लोगों में हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इसके पीछे प्रमुख कारण कौन-कौन से हो सकते हैं?

जवाबः हार्ट अटैक के प्रमुख कारणों में शामिल हैं अनियंत्रित हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर), डायबिटीज, डिसलिपिडमिया। हार्ट अटैक के अन्य कारकों में शामिल हैं धूम्रपान, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, एक्सरसाइज की कमी, गतिहीन जीवनशैली, 30 की उम्र के बाद हेल्थ चेक अप न कराना और स्ट्रेस। ये सभी कारण धमनियों में ब्लॉकेज, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी कई ह्रदय समस्याओं में शामिल होते हैं।

सवालः हेल्दी हार्ट के साथ हेल्दी लाइफ जीने के लिए जवान लोगों को आप क्या सलाह देना चाहेगे?

जवाबः सबसे पहली और सबसे जरूरी सलाह यही है कि आपको 25 साल की उम्र के बाद विशेष रूप से जंक फूड का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि ये आपको हाइपरटेंशन, डायबिटीज और दूसरी क्रोनिक रोगों का शिकार बना सकता है। आपको जितना हो सके ज्यादा से ज्याद घर का बना खाना ही खाना चाहिए। इसके अलावा अगर आप मांसाहारी हैं तो आपको नॉन वेज का सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है।

उन्होंने कहा कि आज के वक्त में ज्यादातर युवा तकनीक के आदि हो गए हैं और ये हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है, जिसमें कोई संदेह नहीं लेकिन आपको कम से कम एक घंटा शारीरिक अभ्यास करने की जरूरत है फिर चाहे आप समय निकालकर योग करें या फिर डांस, एरोबिक और जिम। बस ये ध्यान रखें कि आप इन्हें करें जरूर।

सवालः दिल को हेल्दी रखने के लिए डाइट में क्या-क्या बदलाव करने चाहिए क्या आप इसपर कुछ प्रकाश डाल सकते हैं? दिल की सेहत पर डाइटरी सप्लीमेंट्स का क्या प्रभाव पड़ता है? इसमें व्हे प्रोटीनजैसी चीजें, जिनका प्रयोग मसल बिल्डिंग में किया जाता है और दूसरे सप्लीमेंट्स शामिल हैं?

जवाबः हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट न सिर्फ दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए बहुत ही जरूरी होती है बल्कि ये व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जब बात दिल की सेहत की होती है तो व्यक्ति को फाइबर युक्त और प्रोटीन युक्त डाइट लेने की सलाह दी जाती है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों में फल और सब्जियां शामिल हैं जबकि प्रोटीन पनीर, मशरूम, सोयाबीन, दही और विभिन्न प्रकार की दाल जैसे शाकाहारी खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। बाजार में व्हे प्रोटीन जैसे प्रोटीन पाउडर भारी संख्या में मौजूद हैं लेकिन इसका सेवन हमेशा किसी अच्छे डॉक्टर या न्यूट्रिशिनिस्ट की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

सवालः क्या आप हमें अपने अस्पताल में होने वाली हार्ट सर्जरी तकनीक में हुए नए बदलावों के बारे में बता सकते हैं?

जवाबः हमारा अस्पताल हार्ट सर्जरी और दूसरी हृदय संबंधी जटिलताओं के लिए जरूरी सभी आवश्यक उपचार तकनीकों से लैस है। हमारे अस्पताल में होने वाली सभी प्रक्रियाएं हमारे अत्यधिक कुशल कार्डियक सर्जनों की देखरेख में की जाती हैं। हम ऑफ पंप सर्जरी कर रहे हैं, जिसमें क्रिटिकल बाईपास सर्जरी, रेडोबाईपास सर्जरी, एओर्टिक वॉल्व रिप्लेसमेंट, माइट्रल वॉल्व रिप्लेसमेंट, डबल वॉल्व रिप्लेसमेंट, एएसडी, वीएसडी सर्जिकल क्लोजर समेत हार्ट लंग मशीन की जरूरत नहीं होती है।

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