लीवर से संबंधित बीमारियां आज सिर्फ बड़ों को ही नहीं, बल्कि नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को भी प्रभावित कर रही हैं। बच्चे कम उम्र में ही लीवर से संबंधित रोगों से ग्रस्त न हों, इसके लिए भी जागरूकता फैलाने की जरूरत है। दिमाग के बाद लीवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है। यह शरीर में कई ऐसे काम करता है, जिससे दूसरे अंग अपना काम सुचारू रूप से कर सकें। यह बिना रुके काम करता है। इसमें किसी भी तरह की खराबी के लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते। लीवर रोगों के आम लक्षण हैं, आंखों का पीला पड़ना, पेशाब का रंग पीला होना, भूख न लगना, मितली और उल्टी आना। सौ से अधिक ऐसी बीमारियां हैं, जिनका असर लीवर पर पड़ता है।
अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली के पीडियाट्रिक, गैस्ट्रोएन्ट्रोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अनुपम सिब्बल कहते हैं कि यदि आपको पेट के आस-पास सूजन, पैरों में सूजन, वजन में कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
डॉ. अनुपम सिब्बल ने लीवर की बीमारियों से बचने और इनके प्रबंधन के लिए बताए कुछ सुझावः
हर बच्चे को जन्म के तुरंत बाद हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना चाहिए।
रक्त और रक्त उत्पादों का इस्तेमाल करने से पहले हेपेटाइटिस बी और सी के लिए इसकी जांच की जानी चाहिए। परीक्षण के जरिए सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि रक्त में किसी तरह का संक्रमण तो नहीं है।
हमेशा साफ पानी ही पिएं। फलों और सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से धोना चाहिए।
जब भी संभव हो हेपेटाइटिस ए का टीका जरूर लगवाएं।
नवजात शिशु को अगर दो सप्ताह से अधिक पीलिया की शिकायत रहती है, तो इसकी जांच करवानी चाहिए, ताकि अगर लीवर की कोई बीमारी हो, तो उसका निदान कर तुरंत इलाज शुरू किया जा सके। अधिकतर बच्चों को जन्म के बाद पीलिया हो जाता है, लेकिन यह 10 दिन के अंदर ठीक हो जाता है।
लीवर की ज्यादातर बीमारियों में अगर शुरुआती अवस्था में सही इलाज मिल जाए, तो इसके परिणाम अच्छे रहते हैं और मरीज को आगे होने वाली जटिलताओं और लीवर ट्रांसप्लांटेशन की जरूरत से बचाया जा सकता है।
लीवर की बीमारियों में पोषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मरीज को डॉक्टर की सलाह से उचित आहार को सेवन करना चाहिए।
हाल ही में हेपेटाइटिस बी, सी और कई अन्य आनुवांशिक बीमारियों का इलाज खोजा गया है। ये सभी आधुनिक इलाज भारत में उपलब्ध हैं। भारत में लीवर ट्रांसप्लांट अब कामयाबी से किया जा रहा है। इसलिए लीवर से संबंधित किसी भी तरह की समस्या से बचना चाहते हैं, तो अपने लीवर को स्वस्थ रखने की कोशिश करें।
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