कोरोना वायरस की ख़बरें कर रही हैं परेशान, ठीक से सो नही पातें? रात में पीएं एक गिलास गर्म दूध, मिलेगी आरामभरी नींद

तनाव या स्ट्रेस का सीधा असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है। इससे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं। इसी तरह पेट और इंस्टेटाइनल प्रॉब्लम्स भी नींद की कमी के कारण बहुत अधिक बढ़ सकती हैं। तो वहीं इंसोमेनिया यानि अनिद्रा की समस्या भी तनाव का एक साइड-इफेक्ट है। जिसे, नज़रअंदाज़ करने से हेल्थ पूरी तरह से बिगड़ सकती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 1, 2020 3:09 PM IST

Tip for beating Sleeplessness Problem:  इन दिनों जब पूरी दुनिया कोविड-19 इंफेक्शन (covid-19 infection) के परिणामों और उससे जुड़ी ख़बरों से परेशान है ऐसे मे तनाव (Stress) होना बहुत लाज़मी सी बात है। तनाव की वजह से दुनियाभर में लोगों के व्यवहार में बदलाव देखे जा रहे हैं। कुछ दिनों से ख़बरें आ रही हैं कि चीन में कोरोना वायरस (coronavirus outbreak) के चलते लॉकडाउन (lockdown) के बाद तलाक के मामलों में बहुत तेज़ी आयी है। इसी तरह यूरोप में घरेलू हिंसा के मामलों में भी बढ़ोतरी की बात भी कही जा रही है। जिसे, बढ़ते तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। (ways stress affects our lives)

स्ट्रेस से बढ़ती है अनिद्रा की प्रॉब्लम (Stress Health Hazards):

तनाव या स्ट्रेस का सीधा असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है। इससे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं। इसी तरह पेट और इंस्टेटाइनल प्रॉब्लम्स भी नींद की कमी के कारण बहुत अधिक बढ़ सकती हैं। तो वहीं इंसोमेनिया यानि अनिद्रा की समस्या भी तनाव का एक साइड-इफेक्ट है। जिसे, नज़रअंदाज़ करने से हेल्थ पूरी तरह से बिगड़ सकती है।

तुर्की में आयोजित एक स्टडी में यह बताया गया कि स्ट्रेस और एंक्जायटी लोगों में नींद न आने की परेशानी की मुख्य वजहें हैं। खासकर, शादीशुदा लोग जिन्हें, अपने भविष्य, आर्थिक स्थिति और बच्चों से जुड़ी बातों की वजह से बहुत अधिक तनाव रहता है। ऐसे लोग कभी भी 8 घंटें की पूरी नींद नहीं ले पाते। इसी तरह 30 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित और अकेले रहने वाले लोग, नये शादीशुदा जोड़े और 20-35 वर्ष की उम्र के नौकरीपेशा लोगों को ठीक से सोने में बहुत अधिक परेशानियां होती हैं।

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क्या है तनाव और नींद का कनेक्शन? (Connection Between stress and Sleep):

जहां तनाव की वजह से अनिद्रा की परेशानी होती है, वहीं नींद की कमी के कारण भी कई लोगों को बहुत अधिक तनाव महसूस होता है। नींद की कमी ना केवल मूड को ख़राब कर देती है बल्कि इससे बहुत अधिक थकान और सुस्ती मिलती है। रात को सोने से पहले गर्म दूध पीने से इस समस्या से राहत मिल सकती है। (Tip for beating Sleeplessness Problem in hindi)

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स्लीपिंग डिसॉर्डर से हैं परेशान तो सोने से पहले पीएं गर्म दूध (Tip for beating Sleeplessness Problem):

दरअसल, दूध (Milk) में प्रोटीन ट्राइप्टोफैन (protein tryptophan) होते हैं। जो दिमाग में पहुंचकर नींद बढ़ाने वाले केमिकल्स सेरोटोनिन और मेलाटॉनिन का निर्माण होता है। जिससे, आपको अच्छी नींद आती है। लेकिन, सेरोटोनिन के उत्पादन के लिए ट्राइप्टोफैन की सही मात्रा आवश्यक है। इसीलिए, रोज़ाना कम से कम 2 गिलास दूध पीएं, डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन करें और सोने से पहले गर्म दूध का सेवन ज़रूर करें। सोने से पहले गर्म दूध पीने से आपको आराम मिलेगा। इससे, तनाव कम होगा और आप ठीक से सो सकेंगे। (Tip for beating Sleeplessness Problem )

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