क्या आपका पालतू कुत्ता (Pet Dog) इन दिनों सुस्त और कमजोर हो गया है? हो सकती है उसे ये बीमारी

Tick fever in dog: कुत्तों में कई बीमारियां हो सकती हैं जिनमें से एक है टिक फीवर या टीक बुखार। जिससे आपका कुत्ता गंभीर रूप से भी बीमार पड़ सकता है।

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Written By: Pallavi | Published : October 5, 2022 12:23 PM IST

क्या आपके पास पालतू कुत्ता (Pet Dog) है? अगर हां, तो आपको अपनी सेहत जितना ही उनकी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। साथ ही अगर उनके हरकतों में बदलाव होने लगे तो उन्हें तुरंत ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। दरअसल, ये हम इसलिए कह रहे हैं कि क्योंकि इन दिनों में एक बीमारी बेहद आम हो गई है जिसे टीक फीवर या टिक बुखार (tick fever) कहते हैं। दरअसल, ये एक्टोपारासाइट्स हैं और असल में कीड़े जैसे नजर आते हैं। ये कहीं भी होते हैं और कुत्ते जैसे किसी भी जानवर को बीमार कर सकते हैं। लेकिन, कुत्तों में ये बीमारी ज्यादा ही आम है। कैसे, जानते हैं।

कुत्तों में टिक बुखार का कारण-Causes of Tick Fever in Dogs

टिक बुखार (Tick Fever) एक प्रकार की जूनोटिक बीमारी है जो कि कुत्तों में बहुत ही आम है। ये इंफेक्शन कीड़े जैसे कुछ परजीवियों के कारण फैलते हैं जो कि कुत्तों के खून में सर्कुलेट हो कर उन्हें बीमार कर सकते हैं। टिक घर में दरारें और दरारों को संक्रमित करते हैं और कुत्ते की त्वचा पर आ जाते हैं। ये पहले कुत्तों के शरीर पर बैठ कर खुद को मल्टीप्लाई करते हैं और फिर उनमें लिम्फ इंफेक्शन पैदा करते हैं।

कुत्तों में टिक फीवर के लक्षण-Tick fever symptoms in dog

टिक फीवर के लक्षण कुत्तों में इसकी गंभीरता के अनुसार अलग हो सकते हैं। जैसे कि

-भूख ना लगना

-कमजोर होना और वजन ना बढ़ना

-तेज बुखार

-पूरे शरीर में लिम्फ नोड्स की सूजन

-प्लेटलेट्स की संख्या में कमी जिससे कमजोर नजर आना

- दुखी रहना

-सुस्ती और चलने-फिरने की दिक्कत

-अंगों या अंडकोश में सूजन

-खांसी

-सांस लेने में मुश्किल

लंबे समय तक ये कुत्तों में ये फीवर रहने से मस्तिष्क और उनकी रीढ़ की हड्डी प्रभावित हो सकती हैं। तंत्रिका तंत्र के साथ समस्याएं हो सकती हैं, जैसे अवसाद और दूसरी समस्याएं।

टीक फीवर से कैसे बचें-Prevention Tips

ऐसे में जरूरी ये है कि आप इस दौरान लक्षणों को देखते ही अपने डॉगी को डॉक्टर के पास ले जाएं। अगर उसे टिक बुखार होगा तो, टेट्रासाइक्लिन और विशेष रूप से डॉक्सीसाइक्लिन जैसे एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जा सकता है। साथ ही टीक फीवर से बचने के लिए अपने कुत्ते के साथ कुछ चीजों का खास ध्यान रखें। जैसे कि उन्हें घास और नमी वाली जगहों से दूर रखें। पार्क में ले जाने से बचें। साथ ही एंटीबैक्टीरियल शैंपू से नहाएं और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। साथ ही अगर आपके कुत्ते के शरीर पर कोई टिक नजर आए तो चिमटी का उपयोग करके इसे तुरंत और ठीक से हटा दें।