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पहली बार करवाने जा रहे हैं थायराइड टेस्ट? जान लें टेस्ट की कीमत से लेकर प्रोसेस तक सब कुछ

हमारे साथ बातचीत के दौरान डॉक्टर बताते हैं कि थायराइड समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है।

पहली बार करवाने जा रहे हैं थायराइड टेस्ट? जान लें टेस्ट की कीमत से लेकर प्रोसेस तक सब कुछ
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VerifiedMedically Reviewed By: Dr Rashmi RasiDatta

Written by Ashu Kumar Das |Updated : February 23, 2026 12:35 PM IST

आजकल थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। अचानक वजन बढ़ना या कम होना, बाल झड़ना, थकान, घबराहट, ठंड या गर्मी असहनीय लगना, दिल की धड़कन तेज होना- ये सभी शरीर में थायराइड हार्मोन के असंतुलन का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर थायराइड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। अगर आप आप पहली बार यह टेस्ट कराने जा रहे हैं, तो ऐसे में मन में कई सवाल होते हैं थायराइड टेस्ट कैसे होता है? (Thyroid Test Kaise Hote hai) क्या थायराइड टेस्ट के लिए खाली पेट जाना जरूरी है?

इसकी कीमत कितनी होती है? (Thyroid Test Kitne Rupaye ka Hota hai) रिपोर्ट समझें कैसे? तो हम आपको इस आर्टिकल में भी सवालों के जवाब देने वाले हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी दे रही हैं एजिल्स डायग्नोस्टिक्स की कंसल्टेंट बायोकेमिस्ट और सेक्शन हेड डॉ. रश्मि राशिदत्ता

थायराइड क्या है और इसका शरीर में क्या काम है?

डॉ. रश्मि राशिदत्ता के अनुसार, थायराइड एक तितली के आकार की ग्रंथि है, जो गर्दन के सामने स्थित होती है। थायराइड ग्रंथि शरीर में एक मुख्य हार्मोन बनाती हैं। जो मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने, शरीर का तापमान संतुलित रखने, दिल की धड़कन नियंत्रित करने, बाल और त्वचा को खूबसूरत बनाए रखने में मदद करती है।

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थायराइड टेस्ट क्यों करवाया जाता है?

डॉक्टर थायराइड टेस्ट निम्न स्थितियों में करवाने की सलाह देते हैं:

  1. लगातार थकान
  2. वजन तेजी से बढ़ना या घटना
  3. बालों का बिना किसी कारण
  4. स्किन का ड्राई और डैमेज होना
  5. ठंड या गर्मी सहन न होना
  6. दिल की धड़कन तेज या धीमी
  7. पीरियड्स के दौरान अनियमितता होना
  8. परिवार में थायराइड की हिस्ट्री

थायराइड टेस्ट क्यों जरूरी है?

हमारे साथ बातचीत के दौरान डॉक्टर बताते हैं कि थायराइड समस्याधीरे-धीरे बढ़ती है और लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है। जो लोग शुरुआती स्टेज में थायराइड के लक्षणों को इग्नोर करते हैं, तो उन्हें भविष्य में दिल की बीमारियां, प्रेग्नेंसी कंसीव करने में परेशानी, इंफर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारी हो सकती है। इसलिए हर व्यक्ति के लिए थायराइड टेस्ट करवाना जरूरी है।

थायराइड टेस्ट कितने प्रकार के होते हैं?

डॉक्टर के अनुसार, किसी व्यक्ति का थायराइड हार्मोन सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट करते हैं। इस ब्लड टेस्ट के जरिए डॉक्टर बताई गई चीजों का पता लगाने की कोशिश करते हैं।

  1. TSH टेस्ट (Thyroid Stimulating Hormone)- यह सबसे महत्वपूर्ण और थायराइड का पहला टेस्ट होता है। अगर आपके TSH टेस्ट में 0.4 - 4.0 mIU/L है, तो सब कुछ नॉर्मल है। लेकिन इस रेंज से ज्यादा थायराइड है, तो यह अधिक TSH = हाइपोथायरायडिज्म का संकेत होता है। वहीं, थायराइड की रेंज इससे कम है, तो यह कम TSH = हाइपरथायरायडिज्म का संकेत है।
  2. T3 (Triiodothyronine)- यह सक्रिय थायराइड हार्मोन है। अधिक स्तर = हाइपरथायरायड और कम स्तर = हाइपोथायरॉयड होता है।
  3. T4 (Thyroxine)- यह थायराइड द्वारा निर्मित मुख्य हार्मोन है। T4 (Thyroxine) का कम स्तर हाइपोथायरॉयड कहलाता है। वहीं, हाइपोथायरॉयड ज्यादा स्तर हाइपरथायरायड होता है।

पहली बार थायराइड टेस्ट करवाने से पहले क्या तैयारी करें?

डॉक्टर का कहना है कि थायराइड टेस्ट बहुत ही आसान होता है। डॉक्टर आपको सुबह अपने क्लीनिक पर बुलाएंगे और फिर ब्लड निकालने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद रिपोर्ट होती है। जो लोग पहली बार थायराइड टेस्ट करवा रहे हैं, उन्हें मानसिक रूप से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं होती है। यह टेस्ट किसी भी आम टेस्ट की तरह की होता है।

थायराइड टेस्ट कैसे किया जाता है?

थायराइड टेस्ट एक मामूली सा ब्लड टेस्ट है। थायराइड टेस्ट को करते समय डॉक्टर नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।

लैब टेक्नीशियन आपकी बाजू से खून का सैंपल लेते हैं।

सुई के माध्यम से थोड़ी मात्रा में खून लिया जाता है।

ये खून का सैंपल लैब में जांच के लिए भेजा जाता है।

रिपोर्ट कुछ घंटों या अगले दिन मिल जाती है।

इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ 2 से 5 मिनट का समय लगता है।

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यह जरूरी नहीं है कि थायराइड का टेस्ट सिर्फ खाली पेट ही करवाया जाए। लेकिन 10 में से 9 मामलों में थायराइड टेस्ट खाली पेट करवाने की ही सलाह दी जाती है। थायराइड टेस्ट खाली पेट करवाना या खाना खाने के बाद यह पूरी तरह से मरीज की स्थिति पर निर्भर होता है। जो लोग पहली बार थायराइड टेस्ट करवा रहे हैं, उन्हें इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

थायराइड टेस्ट की कीमत कितनी होती है?

थायराइड टेस्ट करवाने के लिए आपको कितने पैसे खर्च करने पड़ेंगे, यह बात पूरी तरह से आपके शहर, लैब और डॉक्टर से आपको कौन सा थायराइड टेस्ट करवाने के लिए कहा है, इस बात पर निर्भर करता है। आमतौर भारत में थायराइड टेस्ट करवाने के लिए नीचे बताई गई कीमत होती हैः

S.NOटेस्टकीमत (₹) 
1.TSH₹150 - ₹400
2.T3, T4₹300 - ₹800
3.Free T3 & Free T4₹800 - ₹1500
4.थायराइड प्रोफाइल₹500 - ₹2000
5.Anti-TPO₹1200 - ₹2500

किन लोगों को थायराइड टेस्ट कराना चाहिए?

यूं तो आज कल की लाइफस्टाइल और खानपान में थायराइड टेस्ट हर किसी के लिए जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों को यह टेस्ट नियमित रूप से कम करवाने चाहिए। इसमें शामिल हैः

  1. गर्भवती महिलाएं
  2. 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं
  3. अगर परिवार में किसी को पहले से थायराइड हो
  4. हार्मोनल असंतुलन हो
  5. जिन लोगों को डायबिटीज हो

थायराइड टेस्ट कितनी बार कराना चाहिए?

  1. सामान्य व्यक्ति: लक्षण होने पर
  2. थायराइड मरीज: 3-6 महीने में
  3. प्रेग्नेंसी: डॉक्टर की सलाह अनुसार

थायराइड टेस्ट से जुड़ी सामान्य गलतफहमियां

  1. केवल महिलाओं को थायराइड होता है
  2. एक बार टेस्ट करा लिया तो दोबारा जरूरत नहीं
  3. रिपोर्ट सामान्य है तो लक्षण नजरअंदाज करने चाहिए।

थायराइड असंतुलन होने पर क्या करें?

अगर आपकी थायराइड की रिपोर्ट नॉर्मल नहीं आती है और उसमें थायराइड हार्मोन का असंतुलन दिखता है, तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इस स्थिति में डॉक्टर थायराइड को संतुलित करने के लिए दवाएं लेने की सलाह दे सकते हैं। दवाओं के साथ-साथ थायराइड को संतुलित करने के लिए सीमित मात्रा में आयोडीन युक्त नमक और सॉस का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें। थायराइड असंतुलन का एक कारण मानसिक तनाव भी है। मानसिक तनाव को कम करने के लिए 10 से 15 मिनट ध्यान, योग जरूर करें।

मिथक 1 : थायराइड की बीमारी सिर्फ महिलाओं को होती है?

सच्चाई: यह सच है कि महिलाओं में थायराइड की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक पाई जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पुरुष इससे प्रभावित नहीं होते। पुरुषों में भी हाइपोथायरॉयडिज्म और हाइपरथायरॉयडिज्म हो सकता है। पुरुष अक्सर लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी देर से पकड़ में आती है। इसलिए थकान, वजन बदलाव या हार्मोन असंतुलन जैसे लक्षण दिखें तो पुरुषों को भी जांच करवानी चाहिए।

मिथक 2 : थायराइड होने का मतलब जीवनभर दवा खाना

सच्चाई: हर थायराइड मरीज को जीवनभर दवा लेने की जरूरत नहीं होती। कुछ मामलों में, विशेषकर सबक्लिनिकल थायराइड या अस्थायी हार्मोन असंतुलन में, जीवनशैली सुधार और निगरानी से स्थिति सामान्य हो सकती है। हालांकि हाइपोथायरॉयडिज्म के कई मामलों में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लंबे समय तक जरूरी हो सकती है। दवा बंद या शुरू करने का निर्णय केवल डॉक्टर ही करते हैं।

मिथक 3 : थायराइड होने पर वजन बढ़ना तय है

सच्चाई: हाइपोथायरॉयडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, जिससे वजन बढ़ सकता है, लेकिन हर मरीज में ऐसा नहीं होता। वजन बढ़ने का कारण पानी का रुकना (fluid retention), सुस्ती और कम गतिविधि भी हो सकता है। सही दवा, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से वजन नियंत्रित रखा जा सकता है।

मिथक 4 : थायराइड की समस्या होने पर वजन कम नहीं किया जा सकता

सच्चाई: यह एक बहुत आम गलतफहमी है। थायराइड असंतुलन वजन घटाने को कठिन बना सकता है, लेकिन असंभव नहीं। जब हार्मोन स्तर दवाओं से नियंत्रित हो जाता है और व्यक्ति संतुलित डाइट व नियमित व्यायाम अपनाता है, तो धीरे-धीरे वजन कम किया जा सकता है। धैर्य और निरंतरता महत्वपूर्ण हैं।

मिथक 5: आयोडीन ज्यादा लेने से थायराइड ठीक हो जाता है

सच्चाई: थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए आयोडीन आवश्यक है, लेकिन अधिक मात्रा में आयोडीन लेने से समस्या ठीक होने के बजाय बिगड़ भी सकती है। खासकर ऑटोइम्यून थायराइड रोगों में अत्यधिक आयोडीन हानिकारक हो सकता है। आयोडीन युक्त नमक पर्याप्त होता है; अतिरिक्त सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से ही लें।

निष्कर्ष

पहली बार थायराइड टेस्ट करवाना सरल, सुरक्षित और बेहद महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच है। यह शरीर में हार्मोन संतुलन की स्थिति को समझने में मदद करता है और कई गंभीर समस्याओं से बचाव कर सकता है। टेस्ट से पहले सही तैयारी, प्रक्रिया की जानकारी और रिपोर्ट की समझ आपको बेहतर स्वास्थ्य का फैसला लेने में मदद करेगी।

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Highlights

  • थायराइड टेस्ट हर किसी के लिए जरूरी होता है।
  • थायराइड टेस्ट करवाने से पहले डॉक्टर से बात करें।
  • थायराइड टेस्ट मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।