Thyroid ke lakshan: शरीर में दिखने वाले ये 5 लक्षण हो सकते हैं थायराइड का संकेत, गलती से भी न करें इग्नोर

Thyroid symptoms in hindi| ज्यादातर लोग थायराइड से जुड़े इन लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं, क्योंकि शरीर में देखे जाने वाले ये लक्षण आम दिखते हैं। लेकिन इस लेख की मदद से आप इनकी पहचान कर सकते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 25, 2025 1:44 PM IST

Thyroid ke lakshan kya hote hain: थायराइड की समस्या तब होती है, जब थायराइड ग्लैंड हार्मोन का संतुलन बिगाड़ जाता है। इससे शरीर की ऊर्जा, वजन, हृदय गति और मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है। असल में थायराइड हमारे शरीर की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो शरीर में हार्मोन का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। जब थायराइड ग्रंथि में गड़बड़ी होती है, तो यह शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। थायराइड से संबंधित दो प्रमुख समस्याएं होती हैं—हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड हार्मोन की कमी) और हाइपरथायरायडिज्म (थायराइड हार्मोन की अधिकता)। दोनों ही स्थितियां शरीर में कई समस्याओं को जन्म देती हैं, जिससे आप मानसिक व शारीरिक दोनों रूप से प्रभावित होती हैं। मस्तिष्क पर होने वाले असर के बारे में तो आपको बहुत से लोग बता देंगे, लेकिन आज हम आपको बताएंगे शरीर पर थायराइड के होने वाले असर के बारे में।

वजन में अचानक बदलाव

थायराइड हार्मोन के असंतुलन से शरीर पर सबसे प्रत्यक्ष असर दिखता है, वजन का बढ़ना या घटना। विशेषज्ञ बताते हैं कि थायराइड की गड़बड़ी का सबसे आम असर वजन पर पड़ता है। हाइपोथायरायडिज्म में वजन बढ़ने लगता है, जबकि हाइपरथायरायडिज्ममें बिना प्रयास के वजन तेजी से घटने लगता है।

थकान और कमजोरी

शरीर जब भी किसी बीमारी का सामना करता है तो सबसे पहले वह ऊर्जा विहीन हो जाता है यानी कमजोर हो जाता है। थायराइड हार्मोन की कमी से शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति हमेशा थका-थका महसूस करता है। मांसपेशियों में कमजोरी भी महसूस होती है, खासकर पैरों और भुजाओं में।

त्वचा और बालों में बदलाव

हाइपोथाइरॉयडिज़्म में त्वचा रूखी, बेजान और फटी हुई हो जाती है। बाल झड़ने लगते हैं और नाखून कमजोर होकर आसानी से टूट सकते हैं। त्वचा पर सूजन, खुजली और पीलापन भी दिख सकता है। यह लक्षण हार्मोन की कमी से होते हैं, जिन्हें सही इलाज से नियंत्रित किया जा सकता है।

मूड स्विंग्स और डिप्रेशन

थायराइड हार्मोन का असंतुलन मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालता है। इससे व्यक्ति को चिड़चिड़ापन, घबराहट, डिप्रेशन, थकान और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मानसिक थकावट बढ़ जाती है और मूड स्विंग्स की समस्या भी होने लगती है, जिससे जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं

थायराइड की समस्या महिलाओं के हार्मोन संतुलन को प्रभावित करती है, जिससे अनियमित पीरियड्स, अत्यधिक ब्लीडिंग या पीरियड्स का रुकना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे गर्भधारण में कठिनाई होती है। इसलिए समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।