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थायरॉइड ग्रंथि में सूजन बढ़ा सकती है आपकी चिंता और बैचेनी, रिसर्च में खुलासा

थायरॉइड ग्रंथि की गतिविधियों का टेस्ट करके एंग्जायटी डिसऑर्डर के खतरे को निर्धारित किया जा सकता है। इसी तरह वैज्ञानिकों का कहना है कि थायरॉइड में सूजन एंग्जायटी अटैक का कारण (Thyroid and Anxiety) हो सकती है।

Written By Kishori Mishra
Updated : September 12, 2020 5:11 PM IST

थायरॉइड ग्रंथि में सूजन बढ़ा सकती है आपकी चिंता और बैचेनी, रिसर्च में खुलासा

Thyroid and Anxiety : व्यक्तियों द्वारा चिंता महसूस करना एक बहुत ही सामान्य कारण है। चिंता कभी भी किसी भी समय महसूस हो सकती है, इसका कोई समय नहीं होता। वहीं, चिंता होने के कई कारण भी हो सकते हैं। इसनें से कोई एक ट्रिगर होने पर चिंता महसूस होने लगती है। हाल ही में एक रिसर्च किया गया है। इस रिसर्च में चिंता का एक नया कारण सामने आया है। रिसर्च के अनुसार, थायरॉइड ग्रंथि में सूजन होना भी चिंता का कारण हो सकता है। आइए समझते हैं चिंता और थायरॉइड के बीच क्या (Thyroid and Anxiety) संबंध है?

हार्मोंन में उतार-चढ़ाव शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं। हार्मोंनल बदलाव के कारण चिंता, तनाव जैसे अन्य मानसिक समस्याएं ट्रिगर होती है। सामान्य तौर पर ये कोर्टिसोल यानि स्ट्रेस हार्मोन से जुड़े होते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में देखा कि थायरॉइड ग्रंथि का थायरोक्सिन हार्मोन भी चिंता का कारण हो सकती है। थायरॉइड ग्रंथि की गतिविधियों का टेस्ट करके एंग्‍जायटी डिसऑर्डर (चिंता विकृति) के खतरे को निर्धारित किया जा सकता है। इसी तरह वैज्ञानिकों का कहना है कि थायरॉइड में सूजन एंग्‍जायटी अटैक का कारण (Thyroid and Anxiety) हो सकती है।

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अध्ययन में क्या बातें आई सामने

हाल ही में हुए रिसर्च के मुताबिक, थायरॉइड ग्रंथि में सूजन चिंता विकृति का कारण बन सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा इसलिए क्योंकि थायरॉइड का कार्य एंग्‍जायटी डिसऑर्डर से जुड़ा हुआ है और थायरॉइड ग्रंथि में सूजन मानसिक जोखिम के खतरे को बढ़ा सकती है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि थायरॉइड ग्रंथि, ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) और थायरॉइड ग्रंथि थायरोक्सिन (T4) हार्मोन का उत्पादन करती है, जो शरीर के कई कार्यों को कंट्रोल करती है। इस ग्रंथि के कारण ऑटोइम्यून इंफ्लेमेशन या सूजन होता है और इसके कुछ लक्षण भी नजर आते हैं। हालांकि, आप अपने खान-पान में बदलाव करके थायरॉइड की समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं।

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कैसे हुआ रिसर्च

वैज्ञानिकों ने चिंता और थायरॉइड के बीच संबंध जांचने के लिए। अपने रिसर्च में 50 लोगों थायरॉइड के कार्यों की जांच की। ये 50 लोग ऐसे हैं, जो चिंता और पैनिक अटैक जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। रिसर्चर्स ने देखा कि चिंता से ग्रस्‍त अधिकांश मरीजों की थायरॉइड ग्रंथि सूजी हुई थी। इसके बाद जब इन मरीजों को थायरॉइड सूजन की दवा दी गई, तो इनमें चिंता के लेवल में गिरावट आई।

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