
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 6, 2020 2:31 PM IST
आंतों से जुड़ी बड़ी बीमारी का संकेत है इस तरह का पेट दर्द, जानें आंतों की सही देखभाल के 5 तरीके
आंतें हमारे शरीर का एक बहुत ही नाजुक और महत्वपूर्ण अंग है। आंते दो तरह की होती है छोटी आंत और बड़ी आंत। दोनों की क्षमताएं और कार्य एकदम अलग है। हम जो भी खाते हैं उन्हें पचाने का काम आंते ही करती हैं। ये हमारे द्वारा खाए भोजन में से स्वस्थ और पौष्टिक चीजें निकालती हैं और विषाक्त पदार्थ को बाहर करती हैं। जब आंतों अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती हैं तो कब्ज समेत कई रोगों का जन्म होने लगता है। हम जो खाते हैं उसमें मौजूद पोषक तत्वों को अवशोषित करने का काम आंतों का ही होता है। बड़ी आंत में पानी अवशोषित होता है और छोटी आंत में मिनरल, विटामिन और दूसरे तत्वों का अवशोषण करती है। ऐसे में आप समझ ही गए होंगे कि आंतों का स्वस्थ रहना कितना जरूरी है। जब भी पेट में दर्द होता है तो अमूमन इसका कारण गलत खानपान को समझा जाता है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है। कई बार पेट में दर्द और शरीर में दिखने वाले खतरनाक संकेत आंतों में गड़बड़ी का कारण हो सकते हैं। जब आंतों में गड़बड़ी होती है तो निम्न प्रकार के लक्षण दिखते हैं:
1 महीने तब कब्ज रहना
मल त्यागने में पेट और एनस में दद होना
पेट में ब्लोटिंग और भारीपन महसूस होना
बैचेनी, पेट में जलन, दर्द और मरोड़ महसूस होना
हर दूसरे दिन गैस होना और पेट के बीचोंबीच दर्द होना
मल के साथ खून आना
तेजी से वजन घटना
मुंह और शरीर से दुर्गंध आना
भूख की कमी
1. लीन मीट हमारी आंतों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह आंतों को हेल्दी और दुरुस्त रखता है। लीन मीट में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं जो आंतों को अच्छी तरह से काम करने में मदद करते हैं। लीन मीट के रूप में मछली का सेवन किया जा सकता है। इसमें भारी मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों तो होते ही हैं साथ ही यह पचाने में भी आसान होता है।
2. जब आंते हाइड्रेट रहती हैं तो वह अपना काम ठीक तरह से करती हैं। इसलिए नियमित रूप से 8 से 10 ग्लास पानी जरूर पीएं। यदि आप अपनी आंतों को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर लेते हैं तो उसके साथ भरपूर मात्रा में पानी जरूर पीएं।
3. आंतों को स्वस्थ रखने में प्रोबॉयोटिक्स अहम भूमिका निभाते हैं। ये आंतों को संक्रमण और रोगों से बचाने के साथ ही अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी बीमारियों को भी दूर रखते हैं। प्रोबॉयोटिक्स के लिए आप ज्यादा से ज्यादा डेयरी उत्पादों का सेवन कर सकते हैं।
4. फाइबर हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। यह खाने को आसानी से बचाने में मदद करता है और कब्ज समेत अन्य पाचन समस्याओं को दूर करता है। फाइबर के लिए आप जूस के बजाय फलों को सीधा खाएं। इसके अलावा अपनी डाइट में सब्जियां, अनाज और नट्स को भी शामिल करें।
5. नियमित व्यायाम पर आपका शरीर न सिर्फ एक्टिव रहता है बल्कि आपकी आंतें भी स्वस्थ रहती हैं। नियमित व्यायाम और योग करने से पाचन क्रिा भी दुरुस्त होती है। हर व्यक्ति को नियमित से 30-40 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए।