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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 30, 2022 4:41 PM IST
डाइट में इस एक ट्रिक की मदद से कंट्रोल हो सकती है डायबिटीज, जानें ब्लड शुगर कम करने का आसान तरीका
अगर आपको पहले से डायबिटीज की समस्या है तो आपको सिर्फ इतना करना है कि चावल और रोटी की मात्रा में कमी करनी है और प्रोटीन इनटेक को बढ़ाना है। इस तरीके से आप टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम कर सकते हैं और अगर आपको नई-नई परेशानी हुई है तो आप ब्लड शुगर की परेशानी को कम कर सकते हैं। देश में इस बीमारी को लेकर हो रहे सबसे बड़े अध्ययन से ये जानकारी सामने आई है।
अध्ययन के मुताबिक, आपको अपने कार्ब इनटेक में 50 से 55 फीसदी की कमी करनी होगी और प्रोटीन इनटेक को 20 फीसदी तक बढ़ाना होगा।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-इंडिया डायबिटीज (ICMR-INDIAB) की हालिया रिपोर्ट में ये बताया गया है कि इस स्टडी में 18090 लोगों के मैक्रो-न्यूट्रिएंटके सेवन का पैटर्न शामिल है। इन मैक्रो न्यूट्रिएंट के सेवन के पैटर्न का पता लगाने के लिए एक गणित के मॉडल का प्रयोग किया गया।
अध्ययन के लेखकों में से एक डॉ. मोहन डायबिटीज स्पेशायलिटी सेंटर के चेयरमैन डॉ. वी मोहन का कहना है कि कार्ब के रूप में हमारा कुल कैलोरी इनटेक 60 से 75 फीसदी के आस-पास होता है वहीं बात करें प्रोटीन की तो ये 10 फीसदी तक होता है। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी कई अध्ययन में ये पाया है कि जरूरत से ज्यादा सफेद चावलों का सेवन डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देता है। गेहूं भी उतना ही स्वास्थ्य के लिए खराब है।
स्टडी के मुताबिक, अब अगर कोई व्यक्ति अपना कार्ब सेवन 50 से 55 फीसदी तक कम करने में सफल हो जाता है और प्रोटीन इनटेक को बढ़ा देता है तो उसे डायबिटीज को वापस से सामान्य बनाने में मदद मिल सकती है।
अगर आपको हाल ही में डायबिटीज का पता चला है तो आप पोषक तत्वों की जरूरतोंमें बदलाव कर इस स्थिति को वापस से ठीक कर सकते हैं। स्टडी में ये पाया गया है कि एनर्जी के लिए कार्ब की जरूरत 49 से 54 फीसदी तक होती है जबकि प्रोटीन की जरूरत 19 से 20 फीसदी और फैट 21 से 26 फीसदी चाहिए होता है। इतना ही नहीं आपको 5 से 6 फीसदी डाइटरी फाइबर भी चाहिए होता है। महिलाओं को अपने कार्ब के सेवन में पुरुषों के मुकाबले 2 फीसदी ज्यादा कमी करने की जरूरत होती है ताकि उन्हें समान नतीजे प्राप्त हो सके।
ठीक इसी तरह बुजुर्गों को अपने कार्ब के सेवन में एक फीसदी ज्यादा की कमी करनी होती है और युवा लोगों के मुकाबले एक फीसदी ज्यादा प्रोटीन का सेवन करना पड़ता है।