
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : June 21, 2022 3:20 PM IST
कैंसर दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है और इसका नाम सुनकर आज भी लोग डर जाते हैं। वैसे तो बहुत से कैंसरो का इलाज आसानी से किया जा सकता है, लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है, कि कैंसर शरीर के किस हिस्से में विकसित हुआ है। उदाहरण के लिए अगर कैंसर शरीर के किसी ऐसे हिस्से में विकसित हो गया है, जहां तक डॉक्टर पहुंच नही पा रहे हैं या फिर शरीर का वह हिस्सा अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में इलाज करना मुश्किल हो सकता है और यह भी हो सकता है कि इलाज संभव ही न हो। हालांकि, अब कैंसर के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। वैज्ञानिकों ने कैंसर का इलाज करने के लिए एक नई तकनीक का आविष्कार किया है। लंदन के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक इस तकनीक पर काम कर रहे थे और उन्होंने इस पर सफलता पा ली है। चलिए जानते हैं इस नई तकनीक के बारे में
वैज्ञानिकों ने फोटो इम्यूनोथेरेपी की मदद से कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने में सफलता पा ली है। हालांकि, इससे पहले कैंसर के इलाज के लिए उपलब्ध तकनीकों का इस्तेमाल पहले किया जाएगा। उदाहरण के लिए अगर कैंसर का इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के माध्यम से किया जा रहा है, तो उसके बाद बची हुई कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए फोटो इम्यूनोथेरेपी का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
लंदन के वैज्ञानिकों ने इसका ट्रायल ग्लियोब्लास्टोमा से ग्रसित चूहों पर किया था और यह परीक्षण सफल रहा। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इस नई तकनीक का उपयोग जल्द ही कैंसर के मरीजों पर भी किया जा सकता है। अगर इस तकनीक का फर्स्ट ह्यूमन ट्रायल सफल रहता है, तो अन्य परीक्षण भी किए जा सकते हैं।
वैज्ञानिक इस नई तकनीक इस तकनीक का उपयोग किसी अन्य प्रकार के कैंसर के लिए नहीं बल्कि ब्रेन कैंसर का इलाज करने के लिए कर रहे हैं। ग्लियोब्लास्टोमा, ब्रेन कैंसर के सबसे आम प्रकारों में से एक है। जिसके कारण मस्तिष्क में हुई कैंसर युक्त ट्यूमर को निकालने में फोटो इम्यूनोथेरेपी की मदद लेने की कोशिश की जा रही है।
फोटो इम्यूनोथेरेपी तकनीक की मदद से दिमाग में बहुत छोटे आकार के कैंसर सेल्स भी देखे जा सकते हैं। इसकी मदद से बारीक से बारीक कैंसर सेल को निकाला जा सकता है और जो न निकल पाएं वे इलाज के बाद अपने आप ही नष्ट हो सकते हैं। साथ ही इस तकनीक से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है और ऐसे में अगर कैंसर की कोशिकाएं बनती हैं, तो इम्यून सिस्टम उन्हें खुद भी खत्म कर सकता है।