ओलंपिक एथलीटों में बेहद कॉमन है ये गंभीर बीमारी, जानें क्या है कारण?

एक स्टडी के मुताबिक, 15-20 प्रतिशत ओलंपिक एथलीट अस्थमा की बीमारी से प्रभावित हैं।

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Written By: priya mishra | Updated : July 31, 2024 8:26 AM IST

पेरिस ओलंपिक 2024 की शुरुआत हो चुकी है। इस बार 10,500 से अधिक एथलीट 205 प्रतिनिधिमंडलों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ओलंपिक गेम्स में भाग ले रहे सभी खिलाड़ी पूरे जोश और उत्साह के साथ अपने-अपने खेलों में अपना दमखम दिखा रहे हैं। खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए ओलंपिक एथलीटों को अपनी डाइट और सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि एक जरा सी लापरवाही भी जीत को हार में बदल सकती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के सबसे प्रमुख आयोजन में भाग लेने वाले अधिकांश खिलाड़ी अस्थमा की बीमारी से जूझ रहे हैं। स्कैंडिनेवियाई जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड साइंस स्पोर्ट्स में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि 15-20 प्रतिशत ओलंपिक एथलीटों को अस्थमा है और लगभग 80 प्रतिशत एंड्योरेंस स्पोर्ट्स एथलीट व्यायाम-प्रेरित ब्रोन्कोकन्सट्रिक्शन (EIB) प्रभावित हैं। आइए, जानते हैं इसका कारण और बचाव के उपायों के बारे में -

क्या होता है अस्थमा?

अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जो सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। इस बीमारी में श्वसन नली के आसपास सूजन और मांसपेशियों में जकड़न होने लगती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। अस्थमा के लक्षणों में सांस फूलना, लगातार खांसी रहना और चेस्ट पेन आदि शामिल है।

ओलंपिक एथलीट में क्यों होता है अस्थमा?

डॉक्टर्स के मुताबिक, ओलंपिक में भाग लेने वाले एथलीटों को कठिन प्रशिक्षण और अभ्यास से गुजरना पड़ता है, जिसमें उच्च सहनशक्ति वाला व्यायाम शामिल होता है, जो अस्थमा से पीड़ित 10 में से 9 लोगों में लक्षण पैदा कर सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब आप व्यायाम करते हैं, तो वेंटिलेशन दर ऊंची हो जाती है, जिससे आपको ठीक से सांस लेने में मदद मिल सके। हालांकि, इस दौरान हवा हमारे मुंह के माध्यम से भी ली जाती है और जब तक यह फेफड़ों में जाती है, तब तक यह अत्यधिक शुष्क हो जाती है क्योंकि यह फिलटर और गर्म नहीं होती है। इससे वायुमार्ग निर्जलित हो जाता है और उसमे सूजन हो जाती है, जिससे अस्थमा का दौरा पड़ता है। डॉक्टर्स के मुताबिक, ठंडी हवा में अभ्यास करने वाले एन्ड्योरेंस एथलीट, जैसे क्रॉस-कंट्री स्कीयर, पेशेवर साइकिल चालक और ट्रैक रनर्स अस्थमा अटैक के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

तैराकों को भी अस्थमा होने का खतरा

जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, अन्य जल खेलों की तुलना में तैराकों में अस्थमा की संभावना सबसे अधिक होती है। ऐसा पूल की सतह पर अधिक मात्रा में क्लोरीन उपोत्पादों की उपस्थिति के कारण होता है, जो फेफड़ों को इर्रिटेट करते हैं।

व्यायाम-प्रेरित अस्थमा को कम करने के उपाय

डॉक्टर्स के मुताबिक, ओलंपिक और विभिन्न खेल आयोजनों में भाग लेने वाले एथलीटों को खेलों के दौरान अपने इनहेलर का उपयोग करना चाहिए। हालांकि,  उन्हें इसके प्रकार और खुराक के बारे में बेहद सावधान रहना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि बीटा-2 एगोनिस्ट, जो वायु मार्ग की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करते हैं, ज्यादातर विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा प्रतिबंधित हैं। इसके अलावा, व्यायाम-प्रेरित अस्थमा को कम करने का एक सर्वोत्तम तरीका उचित रोकथाम और देखभाल है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईआईए के लक्षण व्यायाम के 10-15 मिनट के बाद चरम पर होते हैं और 30-90 मिनट के भीतर ठीक हो जाते हैं। इसके लक्षणों को कम करने के कुछ आसान उपाय इस प्रकार हैं -

वार्म अप करें

चेस्ट कंजेशन को रोकने के लिए हमेशा लगभग 10-15 मिनट तक कुछ वार्म-अप व्यायाम जरूर करें। धीरे-धीरे आप तीव्रता भी बढ़ा सकते हैं।

नाक से सांस लें

हमेशा नाक से सांस लें क्योंकि यह आपके फेफड़ों में प्रवेश करने से पहले हवा को गर्म और आर्द्र करने में मदद करता है।

ब्रेक लें

ठीक से सांस लेने के लिए अपने व्यायाम के बीच में हमेशा छोटे-छोटे ब्रेक लें।

ट्रिगर्स से बचें

जिन लोगों को अस्थमा है, उनमें से अधिकांश लोगों में प्रदूषण या परागकण ट्रिगर के रूप में होते हैं। इसलिए संभव हो तो आप घर के अंदर ही अभ्यास करें, खासकर जब मौसम ठंडा और शुष्क हो।

प्रैक्टिस के बाद कूल डाउन करें

अपने वर्कआउट और प्रैक्टिस को हमेशा एक कूल-डाउन सेशन के साथ समाप्त करें। इससे आपके फेफड़ों में हवा के तापमान में बदलाव को धीमा करने में मदद मिलेगी।