ये भी हो सकती है पैरों में दर्द की वजह, इस तरह करें बचाव

छोटे बच्‍चों को दौड़ने-भागने से पैरों में दर्द हो सकता है, किसी दिन क्षमता से अधिक चलने के कारण बड़ों को भी पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है। पर अगर यह लगातार होने लगा है तो इसकी वजह कुछ पोषक तत्‍वों की कमी भी हो सकती है।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : September 26, 2019 8:47 PM IST

शरीर की चुस्‍ती-फुर्ती और बेहतर काम करने के लिए जरूरी है बोन हेल्‍थ का मजबूत होना। इसके साथ ही मांसपेशियों की मजबूती भी आपके डेली रूटीन को प्रभावित करती है। कई बार थकावट के कारण या ज्‍यादा वर्कआउट करने की वजह से पैरों में दर्द (Foot pain causes) हो जाता है। पर अगर यह लगातार और हर रोज होता है तो इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।

कब होता है पैरों में दर्द

अगर आप दिन भर काम करके थक गए हैं, किसी दिन आपने ज्‍यादा वर्कआउट किया है, दौडभाग ज्‍यादा हो गई है तो पैरों में अकसर शाम के समय दर्द होता है। क्‍योंकि इस वक्‍त तक आप पूरी तरह थक चुके होते हैं। ऐसी स्थिति में आराम करने से लाभ होता है। इसके उलट अगर सोकर उठने के बाद यानी सुबह के समय आपके पैरों में दर्द होता है तो यह सामान्‍य स्थिति नहीं है।

पैरों में दर्द के कारण (Foot pain causes)

अभी तक यह माना जा रहा था कि उम्र बढ़ने के साथ बोन हेल्‍थ और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिसकी वजह से हाथ पैरों में दर्द होने लगता है। पर अब इस तरह की समस्‍याएं युवाओं और बच्‍चों में भी नजर आने लगी हैं। इसकी वजह विटामिन डी, आयरन और केल्शियम की कमी मानी जा रही है। अनहेल्‍दी लाइफस्‍टाइल के कारण बोन हेल्‍थ और मांसपेशियों की सेहत बहुत ज्‍यादा प्रभावित हुई है। आयरन की कमी होने पर शरीर के किसी भी हिस्‍से तक रक्‍त संचार में बाधा पहुंच सकती है। जिसके कारण दर्द हो सकता है।

इस तरह करें पैरों में दर्द से बचाव

  • पैरों में दर्द से बचने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले इस बात की जांच करवाएं कि आपके पैरों में दर्द क्‍यों हो रहा है। आजकल इनडोर एक्टिविटीज होने के कारण लोगों को धूप नहीं मिल पाती। जिसकी वजह से शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है। इसके लिए सिंपल ब्‍लड टेस्‍ट करवाना होता है। जिससे यह पता चल जाता है कि आप में विटामिन डी की कमी तो नहीं। आजकल इसके लिए विटामिन डी सप्‍लीमेंट आते हैं। आप सप्‍ताह में या डॉक्‍टर के परामर्श अनुसार इसका सेवन कर सकते हैं।
  • कैल्शियम की कमी बोन हेल्‍थ को सबसे ज्‍यादा प्रभावित करती है। छोटे बच्‍चों में इससे बोन्‍स का विकास रूक जाता है। वहीं अगर आप तीस की उम्र पार कर गए हैं तो आपको बार-बार फ्रैक्‍चर की समस्‍या भी हो सकती है। इसके लिए आपको कैल्शियम से परिपूर्ण आहार का सेवन करना चाहिए। कैल्शियम सप्‍लीमेंट भी इसका एक उपचार हो सकता है।
  • आयरन की कमी के कारण शरीर के किसी खास हिस्‍स तक रक्‍त संचार सही नहीं हो पाता। इससे मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। इसलिए यह जरूरी है कि अपने आहार में लाल रंग के फल और सब्जियां जरूर शामिल करें। ये आयरन का बेहतर स्रोत हैं।

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