यह आयुर्वेदिक फल दिलाता है अनियमित पीरियड्स से राहत!

यह सचमुच असरदार है।

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Written By: Editorial Team | Published : November 2, 2017 6:08 PM IST

इन दिनों मैं अनियमित पीरियड्स के बारे में चिंता नहीं करती। मेरी गायनकोलॉजिस्ट ने एक बार मुझसे कहा था कि प्रेगनेंसी के बाद (मैं 2 बार प्रेगनेंट हो चुकी हूं) कई चीजें बदलती हैं। आपके पीरियड्स कम तनावपूर्ण होते हैं। भले ही आपको भारी ब्लीडिंग हो, पीरियड क्रैम्प्स पहले से कम परेशान कर सकते हैं। और हां, मैं अपने अनुभव से ही यह कह सकती हूं कि क्रैम्प्स कम गंभीर हो जाती है, लेकिन यह हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता है।

मेरी टीएनएज के दौरान, मुझे बहुत अधिक पीरियड क्रैम्पस होते थे और मेरे पीरियड्स भी अनियमित रहे। बहुत कम फ्लो होता था और बहुत ज्यादा दर्द। तब मेरे काम आई एक ही चीज़ जिसका नाम है हरीताकी या हरेड़ा। यह एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के सबसे मशहूर नाम त्रिफला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह तरीका मुझे किसी आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर ने बताया था और इसलिए मैंने इसमें बहुत अधिक हैरानी नहीं होनी चाहिए। मुझे रात भर एक गिलास में पानी में 3-4 हरीतकी भिगोने और सुबह यह पानी पीने के लिए कहा गया। 2 महीने तक मैं ऐसा करती रही और फिर मुझे पीरियड क्रैम्पस से राहत मिली और मेरे पीरियड्स रेग्युलर हो गए। मैंने पीरियड्स के समय 5 दिनों तक यह पानी पिया और तब भी पिया जब मुझे गम्भीर क्रैम्प्स महसूस हुए।

बाद में, जब मुझे पता चला कि हरीताकी सचमुच असरदार है, तो मैंने कुछ रिसर्च पेपर भी पढ़े और मुझे पता चला कि यह ब्लड काउंट में सुधार करता है और यह किसी भी प्रकार के एनीमिया को ठीक करने में भी मदद करता है। हेमोग्लोबिन की कमी किशोरावस्था के दौरान दर्दनाक पीरियड्स का एक मुख्य कारण है।

हालांकि, अगर आप पीरियड्स के दौरान दर्द से राहत पाने के लिए हारिताकी का उपयोग नहीं करना चाहते, तो आप त्रिफला चूर्ण भी ट्राई कर सकते हैं। एक गिलास पानी के साथ सिर्फ एक चम्मच त्रिफला आपको पीरियड्स के समय के दर्द से राहत देने के लिए काफी है। त्रिफला में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर से विभिन्न हानिकारक विषाक्त पदार्थों को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह लीवर को डिटॉक्सिफाई करता है, रक्त को शुद्ध करता है और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से राहत पाने का एक असरदार तरीका है।

हालांकि, हम सलाह देंगे कि आप डॉक्टर से बात करने के बाद ही त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल शुरु करें, विशेषकर, अगर आपको एंडोमेट्रिओसिस (endometriosis) या पीसीओडी जैसी समस्याएं हैं तो कोई भी नयी दवा शुरु करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर बात कर लें।

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अनुवादक: Sadhana Tiwari

चित्र स्रोत: Shutterstock Images.

संदर्भ: Modi, M. B., Donga, S. B., & Dei, L. (2012). Clinical evaluation of Ashokarishta, Ashwagandha Churna and Praval Pishti in the management of menopausal syndrome. Ayu, 33(4), 511.

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