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Written By: Editorial Team | Published : October 18, 2017 3:43 PM IST
कई लोग जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं, उनके पास चमत्कारी इलाज और स्थायी समाधान के नाम पर धोखा खाने की कहानियां होती हैं बहुत सारे नीम-हकीम और धोखेबाज़ लोग मरीजों के डर का फायदा उठाते हुए झटपट पैसे कमाने के लिए ऐसी तरकीबें आजमाते हैं। उनमें कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो होम्योपैथ होने का दावा करते हैं, मरीजों को बताते हैं कि वो ऐसा कुछ कर सकते हैं जो एलोपैथिक दवाइयों से नहीं हो सकता और वे सोरायसिस (psoriasis) का एक स्थायी "इलाज" कर सकते हैं। बहुत से लोग इस तरह के दावों में फंस जाते हैं और ढेर सारे पैसे भी गंवा देते हैं, और उन्हें तब एहसास होता है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। ज़ाहिर है जब कोई बहुत दिनों से परेशान या दुखी हो तो कहीं से भी उम्मीद की कोई किरण दिखाई देने पर वह राहत की चाह में धोखा खा सकता है।
सोरायसिस एक क्रोनिक त्वचा रोग है जो काफी सामान्य है। लेकिन कई लोगों को इस बीमारी के मनोवैज्ञानिक बोझ का पता नहीं है, जिसकी वजह से इसके मरीज़ इलाज के लिए परेशान हो जाते हैं और कमजोर पड़ जाते हैं। डॉ. श्रीपाद खेडेकर, एमडी, इंपीरियल क्लिनिक देशभर में इस तरह के प्रथाओं के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। वे कहते हैं "ज्यादातर धोखेबाज़ जो खुद को त्वचा की बीमारियों के एक्सपर्ट होने बताते हैं वे अक्सर अपने धंधे की शुरुआत सोरायसिस और बालों के झड़ने के इलाज के साथ करते हैं। उनकी पास मौजूद फोटोशॉप की हुई तस्वीरों के कारण धोखा ना खाएं।" इससे पहले की आप भी किसी ऐसे ही नकली होम्योपैथ की धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं इन 7 बातों को अच्छी तरह समझ लें:
1.सोरायसिस का असली कारण अभी तक किसी को पता नहीं
डॉ. खेडेकर के अनुसार सोरायसिस की बीमारी को पूरी तरह समझा नहीं जा सका है। लेकिन रिसर्च से पता चलता है कि आनुवंशिकी, पर्यावरण और रोगप्रतिरोधक प्रणाली जैसी कई चीज़ें इसका कारण हो सकती हैं। चेतावनी देते हुए डॉ.खेडेकर बताते हैं कि धोखेबाज इस बीमारी की कोई खास वजह बताते हुए कमजोर मरीजों को चकमा देते हैं। "वे ऐसा जताने की कोशिश करते हैं कि उनके पास आपकी समस्या का जवाब है। डॉ. खेडेकर कहते हैं, वह आपको कुछ ऐसा बताएगा जिसके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना हो और आप उसपर यकिन कर लेते हैं।
2. आपके मूड का सोरायसिस पर असर पड़ता है
डॉ. खेडेकर के अनुसार रोग की उत्तेजना और सुधार में आपका मूड बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए जब आपको लगता है कि आप जो दवाएं खा रहे हैं वे असर कर रही हैं, तो हो सकता है कि यह केवल आपका मूड हो जो उपचार को प्रभावित कर रहा है।
3. सोरायसिस का डायट से कुछ लेना-देना नहीं
डॉ. खेडेकर इस बात को भी नकारते हैं कि सोरायसिस का इलाज करने के लिए किसी विशेष डायट की ज़रूरत है। डॉक्टर कहते हैं, "सच तो यह है कि सोरायसिस एक ऑटोइम्युन समस्या है जिसका आपके भोजन के साथ कुछ भी लेना-देना नहीं है।"
4. नुस्खों या क्रीम्स से सोरायसिस ठीक नहीं होता
चिकित्सा के इतिहास में किसी तरह के लोशन या क्रीम लगाने से कभी भी सोरायसिस ठीक नहीं हुआ है। डॉ. खेडेकर ने बताया, "कोयला टार, शैंपू या स्टेरॉयडल क्रीम ऑटोइम्यून बीमारियों का इलाज नहीं कर सकते।" ऑटोइम्यूनिटी को अनियमित आनुवंशिक तंत्र का नतीजा बताते हुए, वे कहते हैं कि ऐसा कोई भी तरीका नहीं है या किसी प्रकार का नुस्खा नहीं है जिससे सोरायसिस ठीक हो जाए, फिर चाहे वह धोखेबाज नीम-हकीम चाहे कुछ भी कह ले। "स्टेरॉयड या साइटोस्टैटिक्स (cytostatics) तत्काल और अस्थायी राहत दे देंगे लेकिन जैसे ही यह नुस्खे बंद किए जाते हैं, तो यह समस्या दोबारा शुरु हो सकता है। इसलिए धोखा ना खाए।"
5. क्या सोरायसिस ही डैंड्रफ है?
किसी नासमझ इंसान के लिए, रूसी और सोरायसिस में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। "ज़्यादातर डॉक्टर्स जिन्हें अधिक जानकारी नहीं है वे सोरायसिस समझकर आपके सिर की त्वचा पर दिखनेवाली हानिरहित रूसी का इलाज करना शुरू कर देंगे और उसे ठीक करने का भी दावा करेंगे!" डॉक्टर खेडेकर ने बताया।
6. सोरायसिस ठीक होने में कितना समय लगता है?
धोखेबाज़ों से इलाज कराने वाले मरीजों को कई साल लग सकते हैं। इस तरह, वे लंबे समय तक रोगियों से पैसे कमाना चाहते हैं, और कह सकते हैं कि उनकी दवाइयां धीरे-धीरे असर करनेवाली हैं। डॉ. खेडेकर कहते हैं, "यहां तक कि डर्मटॉलजी की सबसे अच्छी किताबों में भी लिखा गया है कि सोरायसिस के इलाज में 7 साल का वक़्त लगता है।"
7. क्या डॉक्टर मरीज़ के डर या कम आत्म-विश्वास का फायदा उठा सकते हैं
सोरायसिस जितना एक बीमारी होने के साथ-साथ एक मानसिक और त्वचा संबंधी समस्या भी है। धोखेबाज़ों को पता है कि जब त्वचा रोग की बात आती है तो लोग ढेर सारे पैसे खर्च कर सकते हैं, क्योंकि कोई भी बदसूरत नहीं दिखना चाहता। "मरीज़ गंभीर आंतरिक समस्याओं से 20 गुना ज़्यादा पैसा त्वचा की समस्याओं पर खर्च करता है। दूसरों को बेवकूफ बनाने वाले लोग आपसे पैसे ऐंठने के लिए आपकी इस कमज़ोरी और कम आत्मसम्मान का फायदा उठाएंगे, "होम्योपैथ डॉ.खेडेकर ने बताया।
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अनुवादक: Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत : Shutterstock Images