केवल महिलाओं में दिखते हैं हार्ट अटैक से पहले ये लक्षण, इग्नोर ना करें तुरंत पहुंचे डॉक्टर के पास

Mahilaon mein heart attack ke lakshan: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक के कुछ लक्षण अलग हो सकते हैं। वहीं, कुछ लक्षण ऐसे भी हैं जो केवल महिलाओं में ही दिखायी देते हैं। यहां पढ़ें हार्ट अटैक के उन्हीं संकेतों के बारे में-

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 13, 2025 1:12 PM IST

Unusual sign and symptoms of heart attack in women:  तेजी से बदल रही लाइफस्टाइल और स्ट्रेस के बीच लोगों की हार्ट हेल्थ पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे ना केवल पुरुषों बल्कि महिलाओं में भी हार्ट डिजिजेज तो बढ़ ही रही हैं, साथ ही स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी गम्भीर स्थितियों का रिस्क भी बढ़ रहा है। बीते कुछ वर्षों में 40 साल से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। महिलाओं में हार्ट अटैक का रिस्क तनाव के अलावा अन्य कई कारणों से भी बढ़ता है। हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ाने वाले कुछ रिस्क फैक्टर्स हैं हार्मोन्स के लेवल में उतार-चढ़ाव और मेनोपॉज़।

वहीं, महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण भी पुरुषों के मुकाबले अलग होते हैं। दिल का दौरा पड़ने से पहले एंग्जायटी और चेस्ट पेन जैसी समस्याएं सबसे कॉमन लक्षण माने जाते हैं। इनके अलावा महिलाओं में पुरुषों से बिल्कुल अलग कुछ हार्ट अटैक के लक्षण दिखायी देते हैं। इन लक्षणों के बारे में पढ़ें यहां।

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of heart attack that appears in women)

  • सुबह के समय मतली और उल्टी महसूस करना।
  • बहुत अधिक थकान महसूस करना।
  • सांस लेने से जुड़ी परेशानियां।
  • पीठ में दर्द (Back pain)
  • जबड़े में दर्द

इन लक्षणों को समय पर पहचानने और इसके कारण समझने की कोशिश करें। क्योंकि, हो सकता है कि ये समस्याएं हार्ट अटैक का पूर्व संकेतहों। ऐसे में अगर समय पर इन लक्षणों को पहचान लिया जाता है तो हार्ट अटैक से होने वाले डैमेज से बचने में मदद हो सकती है और मरीज की जान बचाने में भी सहायता हो सकती है।

हार्ट अटैक का रिस्क कम करने के लिए महिलाएं जरूर रखें इन बातों का ध्यान (Ways to prevent heart attack in females)

45 की उम्र के बाद अपनी हेल्थ का रखें ख्याल (Take a good care of your health)

मेनोपॉज के बाद महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, लाइफस्टाइल और डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर आपको अपने स्वास्थ्य में किसी भी तरह का बदलाव होता दिखायी दे तो आप उसे नजरअंदाज करने की बजाय अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें।

जैसा कि मेनोपॉज के दौर से गुजर रहीं महिलाओं को हार्मोन्स के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कई तरह की समस्याए हो सकती हैं। ऐसे में हार्ट डिजिजेज का रिस्क भी बढ़ सकता है।

स्ट्रेस से बचें (Control stress)

तनाव या स्ट्रेस हार्ट पर दबाव बढ़ाता है और इससे हार्ट डिजिजेज का रिस्क भी बढ़ता है। महिलाओं में अलग-अलग कारणों से तनाव का स्तर बढ़ सकता है। प्रेगनेंसी, मेनोपॉज, पीरियड्स और शारीरिक कमजोरी के कारण भी स्ट्रेस का लेवल बढ़ सकता है। ऐसे में हार्ट डिजिज का रिस्क बढ़ने से रोकने के लिए आप अपनी मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दें।

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं (Adapt a healthy lifestyle)

हार्ट को हेल्दी रखने और हार्ट अटैक से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव करें। 35-40 के बाद आपको अपनी मेंटल हेल्थ के साथ-साथ फिजिकल हेल्थ को बेहतर रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए। आप हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए ये रूल्स फॉलो करें-

  • हेल्दी डाइट अपनाएं।
  • रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करें।
  • अगर आपका वजन अधिक है तो आप वेट लॉस करें और हेल्दी वेट मेंटेन करें।
  • मेंटली हेल्दी और शांत रहने के लिए आप मेडिटेशन और योग का अभ्यास करे।
  • रात में देर तक जागने की बजाय जल्दी सोएं और रोजाना 8-9 घंटे नींद सोएं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।