
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Amit Bhushan Sharma
heart attack
Heart Attack:NHS के अनुसार, हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है। किसी भी व्यक्ति को हार्ट अटैक तब आता है, जब हृदय तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रक्त प्रवाह रुक जाता है। अगर हार्ट अटैक का समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा हो सकता है। सीने में तेज दर्द, सीने में दबाव महसूस होना, गर्दन या जबड़े में दर्द होना, ज्यादा पसीना आना आदि हार्ट अटैक के आम लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति में हार्ट अटैक के संकेत अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ साल पहले हार्ट अटैक ज्यादा बढ़ती उम्र के लोगों या बुजुर्गों में ही देखने को मिलता है। लेकिन, पिछले कुछ सालों से हार्ट अटैक के मामले युवाओं में भी सामने आ रहे हैं। लेकिन, कुछ लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम ज्यादा हो सकता है।
Centers for Disease Control and Prevention के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा रहता है। हाई बीपी को हृदय रोग का एक प्रमुख कारण माना जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें धमनियों और रक्त वाहिकाओं में बहने वाले रक्त का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है। अगर हाई बीपी को नियंत्रित न किया जाए, तो इससे हृदय को नुकसान पहुंचने लगता है और गंभीर स्थिति में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, शुरुआत में इसके लक्षण महसूस नहीं होते हैं, इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है, तो बैलेंस और पौष्टिक आहार लेना बहुत जरूरी है। नमक का सेवन कम करें और धूम्रपान-शराब से पूरी तरह परहेज करें।
high cholesterol
पारस हेल्थ, गुरुग्राम में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर और यूनिट हेड डॉ. अमित भूषण शर्मा बताते हैं कि बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर भी दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ है, जो हमारे लिवर द्वारा बनाया जाता है। हालांकि, कुछ खाद्य पदार्थों में भी कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है। आमतौर पर लिवर शरीर की जरूरत के अनुसार कोलेस्ट्रॉल बनाता है, लेकिन जब भोजन के जरिए जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल लिया जाता है तो इससे स्तर बढ़ सकता है। जब शरीर में जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल जमा होता है, तो धमनियों की दीवारों पर प्लाक बना सकता है। इससे धमनियां संकरी और सख्त होने लगती हैं। इस स्थिति में हार्ट अटैक, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
डॉ. अमित शर्मा बताते हैं कि डायबिटीज रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा रहता है। दरअसल, जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता या इंसुलिन का सही से उपयोग नहीं कर पाता है, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा हुआ रहता है, तो हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। डायबिटीज की वजह से हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है।
obesity
मोटापा या ज्यादा वजन भी हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। मोटापा कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। मोटापे की वजह से बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ सकता है और गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है। अगर मोटापे को लंबे समय तक कम न किया जाए, तो इससे हृदय रोग, डायबिटीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है।
जो लोग सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल वाले फूड्स का सेवन ज्यादा करते हैं, उनमें हृदय रोगों का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं, ज्यादा नमक खाने से भी हाई बीपी और हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा हो सकता है। वहीं, अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं तो भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल, अस्वस्थ खान-पान और खराब जीवनशैली की वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर जैसी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक भी आ सकता है।
Disclaimer: हाई बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के रोगियों में हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं, मोटापा, अस्वस्थ खान-पान और खराब जीवनशैली भी हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकते हैं। अगर आपको सीने में दर्द, बेचैनी, सांस फूलना जैसे लक्षण महसूस हो तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें। इस स्थिति में आपको हार्ट चेकअप जरूर कराना चाहिए।