इन घरेलू नुस्‍खों से दे सकते हैं स्‍वाइन फ्लू को मात

घरेलू नुस्खों में सबसे कारगर उपाय है तुलसी,  प्रतिदिन सुबह उठकर तुलसी की पांच पत्तियां धोकर खानी चाहिए।

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Written By: Yogita Yadav | Published : February 1, 2019 2:04 PM IST

देश में स्वाइन फ़्लू के कारण मरने वालों की संख्या इस साल 169 हो गई है, जबकि 4,571 लोगों में स्‍वाइन फ्लू वायरस होने के संकेत मिले हैं, जिसमें सिर्फ राजस्थान में 40 प्रतिशत मामले हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सोमवार तक 1,911 मामले और 75 मौतें दर्ज की गईं, इसके बाद गुजरात में 600 मामले और 24 मौतें हुईं। इस बीमारी के प्रकोप से बचने के लिए जरूरी है कि आप सतर्क रहें। इसके साथ ही हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे घरेलू नुस्‍खे, जिनसे आप दे सकते हैं स्‍वाइन फ्लू को मात।

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स्वाइन फ्लू में मददगार घरेलू नुस्‍खे

जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन्हें स्वाइन फ्लू संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लहसुन के दो पीस सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होगा।

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स्‍वाइन फ्लू से लड़ने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोय की एक फुट लंबी डाल का हिस्सा, तुलसी की पाँच-छः पत्तियों के साथ कुछ देर तक उबालें। उसमें सेंधा नमक या मिश्री भी मिला सकते हैं। काढ़ा बनने पर इसे निवाय करके पी लें।

हल्दी का दूध पीने से भी संक्रमण से बचा जा सकता है। रात को सोते समय हल्दी का दूध जरूर पीना चाहिए।

स्वाइन फ्लू से घरेलू बचाव में थायमॉल, मेंथॉल और कपूर को बराबर मात्रा में मिला कर तैयार 'यू वायरल' के घोल की बूंदों को रुमाल या टिश्यू पेपर पर डालकर सूंधने से स्वाइन फ्लू होने का खतरा नहीं रहेगा साथ ही इसके बाद मास्‍क की जरूरत भी नहीं पड़ती।

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पान के पत्ते पर स्वाइन फ्लू निरोधी दवा की कुछ बूँदें डालकर सप्ताह भर तक दिन में दो बार खाने से स्वाइन फ्लू से बचाव किया जा सकता है।

100 मि.ली. पानी में तीन ग्राम नीम, गिलोय, चिरैता के साथ आधा ग्राम काली मिर्च और एक ग्राम सोंठ का काढ़ा बना कर पीना लाभदायक होता है। इसी मिश्रण का काढ़ा बनाकर एक सप्ताह तक खाली पेट पीने से स्वाइन फ्लू से लड़ने की ताकत बढ़ जाती है यानी व्यक्ति के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता अधिक हो जाती है।

त्रिफला, त्रिकाटू, मधुयास्ती और अमृता को समान मात्रा में एक चम्मच लेने से न सिर्फ बुखार में कमी आती है बल्कि प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा होता है।

महीने में एक या दो बार कपूर की गोली पानी के साथ निगलने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और स्वाइन फ्लू जैसी महामारियों से लड़ने में मदद मिलती है।

रसदार फल और जूस का सेवन खूब करना चाहिए। हरी सब्जियों खासकर आंवले का सेवन करना चाहिए। इससे विटामिन सी भरपूर होता है।

ग्वारपाठे का एक चम्मच गूदा रोज पानी के साथ लें। इससे जोड़ों के दर्द कम होने से साथ-साथ रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ेगी।

प्रतिदिन व्यायाम करें। साथ ही खूब पानी पीएं और प्राणायाम करें यानी खुली हवा में जोर-जोर से सांस लें।

ज्यादा से ज्यादा फिट रहने का प्रयास करें जिससे किसी भी बैक्टेरिया अथवा वायरस के हमले का सामना कर सकें।

कुछ भी खाने से पहले एंटीबायोटिक साबुन या अल्कोहोलिक क्लींजर से अपने हाथ धोएं।

घरेलू नुस्खों को अपनाकर और थोड़ी सी सावधानी बरतकर न सिर्फ आप स्वाइन फ्लू से बचाव कर सकते हैं बल्कि स्वाइन फ्लू से सावधान रहने के साथ-साथ गंभीर बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी प्राप्त कर सकते हैं।

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