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Written By: Editorial Team | Published : October 15, 2018 4:12 PM IST
बाहर का भोजन खाना पड़ता है जो सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता। © Shutterstock
हमें ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जिन्हें मजबूरी में बाहर का भोजन खाना पड़ता है जो सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता। लेकिन ऐसा नहीं है की सभी लोग ही मजबूरी में बाहर खाना खाने जाते हैं इनमें कई ऐसे हैं जो अपने टेस्ट के कारण भी बाहर का खाना ज्यादा पसंद करते हैं, इसके अलावा कई लोग अपने आलसपन की वजह से भी बाहर ही खाना ज्यादा पसंद करते हैं।
यदि बाहर का खाना स्वच्छता से नहीं बनाया गया हो, बासी ही परोसा गया हो, पकाने से पहले सब्जियों को ठीक से नहीं धोया गया हो या फिर खाना बनाते समय घटिया क्वालिटी के सामान का इस्तेमाल किया गया हो, तब इस तरह के खाने को खाने से आपको फूड पॉइजनिंग होने की आशंका बढ़ जाती है। तो जानते हैं कुछ ऐसे ही घरेलू उपायों के बारे में जिनका इस्तेमाल हम फूड पॉइजनिंग के दौरान कर सकते हैं।
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नींबू का सेवन करें
नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं। इसलिए इसे पीने से फूड पॉइजनिंग वाले बैक्टीरिया मर जाते हैं। आप खाली पेट नींबू-पानी बनाकर पी सकते हैं या चाहें तो गर्म पानी में नींबू निचोड़ें और पी जाएं।
सेब के सिरके का इस्तेमाल
सेब के सिरके में मेटाबालिज्म रेट को बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। खाली पेट इसका सेवन करने पर यह भी खराब बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं।
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तुलसी का प्रयोग
तुलसी में मौजूद रोगाणुरोधी गुण सूक्ष्म जीवों से लड़ते हैं। तुलसी का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं। एक कटोरी दही में तुलसी की पत्तियां, कालीमिर्च और थोड़ा सा नमक डालकर खा सकते हैं। पानी व चाय में भी तुलसी की पत्तियां डालकर पी सकते हैं।
दही का सेवन
दही एक प्रकार का एंटीबायोटिक है, इसमें थोड़ा सा काला नमक डालकर इसे खा सकते हैं।
लहसून खाएं
लहसून में एंटी फंगल गुण होते हैं। आप सुबह खाली पेट लहसन की कच्ची कलियां पानी के
साथ खा सकते हैं। इससे भी राहत मिलेगी।