hamburger icon
A
Read in English

फूड पॉयजनिंग के इमरजेंसी उपचार हैं ये घरेलू उपाय

फूड पॉयजनिंग होने पर नींबू सबसे बेहतर उपाय है। इसमें एंटी बैक्टीरियल तत्व मौजूद होते हैं। जो बॉडी को डिटॉक्स करते हैं। इसलिए अगर कभी भी कुछ खाने के बाद उल्टी का मन हो या उल्टी आए तो बेहतर है कि आप नींबू पानी पिएं।

WrittenBy

Written By: Yogita Yadav | Updated : September 17, 2019 8:23 PM IST

फूड पॉयजनिंग (Food poisoning) किसी को भी, कभी भी हो सकती है। लाख एहतियात बरतने पर भी आपको पता नहीं चल पाता कि ऐसा कौन सा खाना है, जिसे खाना आपके लिए मुश्किल भरा हो सकता है। कई बार तो बाहर से पी गई एक कप चाय भी आपकी सेहत पर भारी पड़ जाती है। ऐसे में स्थिति वाकई चिंताजनक हो जाती है। लोगों को समझ नहीं आता कि क्‍या किया जाए। हमारे घर में ही कुछ ऐसे उपचार मौजूद हैं, जिन्‍हें आप फूड पॉयजनिंग के घरेलू उपचार (Home remedies for food poisoning) के रूप में इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इमरजेंसी के ये उपाय आपके लिए काफी मददगार साबित होंगे।

क्‍यों होती फूड पॉयजनिंग (Food poisoning cause)

गर्मियों और बरसात के मौसम में भोजन में बैक्‍टीरिया जल्‍दी पनपने लगते हैं। इसका कारण कोई भी हो सकता है। खराब खाद्य सामग्री, दूषित जल या साफ-सफाई का ध्‍यान नहीं रखना। कई बार कुछ ऐसे फूड कॉम्‍बीनेशन भी होते हैं, जिन्‍हें एक साथ खाने पर फूड पॉयजनिंग यानी खाद्य विषाक्‍तता हो सकती है। जैसे दूध के साथ खट्टी चीजों का सेवन। जरूरी है कि आप फूड पॉयजनिंग के संकेत समझें।

फूड पॉयजनिंग के संकेत

पेट में दर्द होना फूड पॉयजनिंग का सबसे पहला संकेत है। इसके अलावा उल्‍टी या मतली आना, चक्‍कर आना, सिर दर्द होना और ये तीनों ही संकेत एक साथ होना। ये सभी बताते हैं कि आपको फूड पॉयजनिंग हुई है। फूड पॉयजनिंग होने पर उल्‍टी के साथ दस्‍त यानी लूज मोशन भी हो सकते हैं। ये भी पेट में गड़बड़ी के संकेत हैं।

फूड पॉयजनिंग के घरेलू उपचार 

नींबू

फूड पॉयजनिंग होने पर नींबू सबसे बेहतर उपाय है। इसमें एंटी बैक्‍टीरियल तत्‍व मौजूद होते हैं। जो बॉडी को डिटॉक्‍स करते हैं। इसलिए अगर कभी भी कुछ खाने के बाद उल्‍टी का मन हो या उल्‍टी आए तो बेहतर है कि आप नींबू पानी पिएं। यह भी संभव न हो तो आप आधा नींबू काटकर उस पर काला नमक लगाकर चाटें। इससे भी फायदा होगा।

दही

यह बेहतरीन प्रोबायोटिक है। साथ ही यह हाजमा दुरुस्‍त करने में भी मददगार है। अगर कभी आपको ऐसा महसूस हो कि आपने कुछ गलत खा लिया है या पेट में जलन, गैस आदि महसूस हो तो एक या आधी कटोरी सादा दही का सेवन करें। कोशिश करें कि दही ताजा हो, यानी डिब्‍बा बंद न हो। इसमें आप काला नमक डाल लें तो यह और भी फायदेमंद हो जाएगा।

लेमन टी

पेट की गड़बड़ी और जी मचलाना दूर करने के लिए लेमन टी भी एक बेहतर उपाय है। अगर आपका मन खराब हो रहा है तो आप साधारण चाय या ग्रीन टी पीने की बजाए लेमन टी का सेवन कर सकते हैं। इससे काफी हद तक राहत मिलती है।

एपल विनेगर

सेब का सिरका यानी एपल विनेगर पाचन तंत्र के लिए काफी फायदमेंद होता है। पर गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन बिना डॉक्‍टरी परामर्श के नहीं करना चाहिए। इससे हाजमा दुरुस्‍त होता है और खाद्य विषाक्‍तता में भी राहत मिलती है।

डायबिटीज कंट्रोल करने में फायदेमंद है धनिया, जानें उपयोग का स‍ही तरीका

हर रोज कितने अनाज खाते हैं आप ? जानिए एक से ज्‍यादा अनाज खाने के फायदे और तरीका