
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 3, 2022 5:09 PM IST
शरीर को पूरी तरह से और सामान्य रूप से काम करने के लिए पर्याप्त पोषण देना और एक्टिव रखना जरूरी होता है। जब भी इन दोनों चीजों के बीच का बैलेंस खराब हो जाता है, तो सामान्य स्वास्थ्य खराब होने लगता है और कई प्रकार की बीमारियां होने लगती है। आजकल लोगों का लाइफस्टाइल इतना बिजी हो गया है कि ना तो वे अच्छी डाइट ले पाते हैं और ना ही शरीर को सामान्य रूप से एक्टिव रख पाते हैं। खासतौर पर ज्यादातर समय कंप्यूटर या लैपटॉप पर बिताने वाले लोगों का स्वास्थ्य ज्यादा खराब रहता है, क्योंकि वे गतिहीन जीवन जाती है। देखा गया है कि समय की कमी के कारण लोग अक्सर बार का खाना खा लेते हैं और इस कारण से उन्हें पेट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पेट संबंधी समस्या कोई भी हो लेकिन उसका शुरुआती लक्षण पेट दर्द ही होता है। हम अक्सर पेट दर्द को हल्के में ले लेते हैं, लेकिन कई बार वह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। आज इस लेख में हम आपको 4 ऐसी बड़ी बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं, जो पेट दर्द का कारण बन सकती हैं
अपेंडिसाइटिस एक गंभीर स्थिति है और इससे होने वाला पेटदर्द सिर्फ गंभीर ही नहीं बल्कि जानलेवा स्थिति का संकेत देता है। अंपेडिक्स शरीर का एक अंग है, जो कॉलन से जुड़ा होता है। जब किसी कारण से अपेंडिक्स में पस भर जाता है और कई बार दबाव में आकर फट जाता है, जो एक घातक स्थिति है। अगर आपको नाभि के पास दाहिने नीचे की तरफ दर्द हो रहा है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
बाउल ऑब्सट्रक्शन भी एक गंभीर स्थिति है, जो शुरुआत में पेटदर्द का ही संकेत देती है, लेकिन बाद में घातक स्थिति पैदा कर देती है। आंत रुकने के कई अंदरूनी कारण हो सकते हैं, जिसमें आमतौर पर कुछ जेनेटिक समस्याएं, हर्निया व सर्जीर आदि शामिल है। यदि समय पर आंत रुकने की स्थिति का इलाज न किया जाए तो इससे आंत फट सकती है, जो एक जानलेवा स्थिति है।
पेट की अंदरूनी परत को पेरिटोनियम (Peritoneum) कहा जाता है और इसमें सूजन व लालिमा होने की स्थिति को पेरिटोनाइटिस (Peritonitis) कहा जाता है। पेरिटोनाइटिस आमतौर पर बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है, जिसमें पेट में दर्द, जलन व चुभन जैसी समस्याएं महसूस होती हैं। हालांकि, पेरिटोनाइटिस का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के कोर्स को पूरा करके किया जा सकता है।
पेट में छाले होने की स्थिति को पेप्टिक अल्सर भी कहा जाता है और यदि समय रहते इसकी देखभाल न की जाए तो यह जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। पेट में छाले होने कई बार इतने गंभीर हो जाते हैं, कि इससे गैस्ट्रोइंटेस्टिनल हेमरेज और परफोरेशन (पेट की परत में छिद्र होना) जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं।