गलती से भी ना खाएं ये टेस्टी फूड्स, बढ़ सकती है जोड़ों में दर्द की समस्या

दवाइयों के साथ-साथ अर्थराइटिस को कंट्रोल करने के लिए कई घरेलू उपचार भी मौजूद हैं, जिसे हर किसी को आजमाकर देखना चाहिए। इन घरेलू उपायों के कोई साइड एफेक्ट्स भी नहीं होते हैं। अर्थराइटिस (Arthritis symptoms) के शुरुआती लक्षण जल्दी पता नहीं लग पाते। इसके अलावा खानपान का भी गठिया के दर्द पर काफी असर पड़ता है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 5, 2020 3:21 PM IST

Arthritis Problem: हड्डियों के जोड़ों में होने वाले असहनीय दर्द को अर्थराइटिस (Arthritis) कहते हैं। यह एक गंभीर बीमारी है। आधुनिक समय में ये एक आम बीमारी बनती जा रही है। दवाइयों के साथ-साथ इस बीमारी को कंट्रोल करने के लिए कई घरेलू उपचार भी मौजूद हैं, जिसे हर किसी को आजमाकर देखना चाहिए। इन घरेलू उपायों के कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होते हैं। अर्थराइटिस (Arthritis symptoms) के शुरुआती लक्षण जल्दी पता नहीं लग पाते। इसके अलावा खानपान का भी गठिया के दर्द (Arthritis Problem) पर काफी असर पड़ता है।

अर्थराइटिस के कारण (Causes of Arthritis)

  • शारीरिक श्रम ना करना
  • घंटों तक एक ही जगह पर बैठकर काम करना
  • बहुत अधिक वजन या मोटापा
  • मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन करना
  • धूम्रपान और नशा करना
  • जॉइंट के सॉफ्ट टिश्यूज में गहरी चोट, जिसका समय पर इलाज नहीं कराया गया हो।

नहीं खानी चाहिए ये चीजें (Arthritis patients Avoid these foods)

अधिक शुगर का सेवन

अर्थराइटिस की समस्या से परेशान लोगों को अधिक शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए। शुगर चाहे लिक्विड फॉर्म में हो या फिर स्वीट डिश, किसी भी रूप में मीठे के सेवन से बचें। अधिक शुगर खाने से सूजन की समस्या बढ़ती है, जो अर्थराइटिस के दर्द का कारण बनती है। इसलिए अर्थराइटिस के मरीज को कैंडी, चॉकलेट्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा जैसी चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

डेयरी प्रोडक्ट्स से रहें दूर

डेयरी प्रॉडक्ट्स सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन की अधिकता होती है। लेकिन अर्थराइटिस के मरीजों के लिए प्रोटीन का सेवन करना घातक होता है। इससे अर्थराइटिस की समस्या बढ़ती है। कई ऑर्थोपेडिक रिसर्च में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि अर्थराइटिस के मरीजों को डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन नहीं करना चाहिए, इससे मरीजों में समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर्स भी मरीजों को सुझाव देते हैं कि वे दही, दूध, छाछ और अंडे जैसी हाई प्रोटीनयुक्त चीजों का सेवन कम करें।

नमक से भी हो सकती है समस्या

खाने में नमक का इस्तेमाल हर कोई करता है। लेकिन अर्थराइटिस के रोगियों के लिए सफेद नमक नुकसानदायक होता है। इस नमक की जगह पर आप काला नमक या पिंक सॉल्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप फास्टफूड्स से दूरी बना लें। क्योंकि फास्ट फूड्स में नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये नमक ना सिर्फ अर्थराइटिस के मरीजों के लिए नुसकानदायक होता है, बल्कि हमारे रुटीन हेल्थ को भी नुकसान पहुंचाती है। जैसे- यूरिन अधिक, बीपी हाई होना इत्यादि।

सैचुरेटेड फैट से बचें

अर्थराइटिस के रोगियों को मैदा और बटर जैसी चीजों के उपयोग से बचना चाहिए। क्योंकि इन चीजों के सेवन से शरीर में सूजन की समस्या बढ़ने लगती है। इसलिए आप फास्ट फूड जैसे पिज्जा, चीज, बर्गर, पाव इत्यादि के सेवन से दूर रहें। क्योंकि इन चीजों में मैदा बहुत ही अधिक होता है। इसके अलावा इन्हें बटर का उपयोग करके तैयार किया जाता है। ये दोनों ही चीजें अर्थराइटिस के मरीजों के लिए जहर की तरह काम करते हैं।

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Arthritis: अर्थराइटिस के लक्षण और इससे बचने के घरेलू उपाय

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