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Medically Verified By: Dr. Parul Sony
Eye Related Diseases in Hindi: आंखें हमारे लिए कितनी जरूरी हैं, ये तो हम सभी जानते हैं। लेकिन, इसके बावजूद भी आंखों की सही तरीके से केयर करना जरूरी नहीं समझते हैं। घंटों मोबाइल फोन, लैपटॉप या टीवी के आगे बैठने से हमारी आंखों को कितना नुकसान पहुंच रहा है, आप इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते। लंबे समय तक स्क्रीन टाइम यूज करने से आंखों पर बेहद बुरा असर पड़ता है, इसकी वजह से आंखों में जलन और सूखापन हो सकता है। ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों की रोशनी भी छीन सकता है। हालांकि, आंखों से जुड़ी कई बीमारियां भी हैं, जो धुंधलापन और दृष्टि हानि का कारण बन सकती हैं। आपको बता दें कि ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी और रेटिनल डिटैचमेंट, तीनों आंखों से जुड़ी ऐसे बीमारियां हैं जो हमेशा के लिए रोशनी छीनकर व्यक्ति के जीवन में अंधेरा कर सकता है। आइए, गुरुग्राम स्थित Complete Eye Care सेंटर की फाउंडर और डायरेक्टर ऑप्थल्मोलॉजिस्ट डॉ. पारुल सोनी से जानते हैं क्यों कहा जाता है आंखों की इन बीमारियों को साइलेंट किलर?
ग्लूकोमा आंखों की एक बेहद गंभीर बीमारी है, जो आंखों की रोशनी के लिए साइलेंट किलर का काम करती है। यानी ग्लूकोमा की वजह से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। आपको बता दें कि ग्लूकोमा ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाता है। इसकी वजह से पेरिफेरल विजन धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसे साइलेंट किलर इसलिए कहा जाता है क्योंकि ग्लूकोमा के शुरुआत में कोई लक्षण महसूस नहीं होता है, जब स्थिति गंभीर होने लगती है तो आंखों की रोशनी प्रभावित हो जाती है। कई ग्लूकोमा रोगियों को आंखों की सर्जरी करवाने की जरूरत पड़ती है। वहीं, इसका इलाज लेजर थेरेपी और दवाइयों से भी किया जाता है।
डायबिटीज एक बेहद आम बीमारी बन गई है। आजकल अधिकतर लोग डायबिटीज रोग से जूझ रहे हैं। डायबिटीज कई गंभीर बीमारियों को भी न्यौता देता है। इसमें से एक है-डायबिटीक रेटिनोपैथी। जब डायबिटीज की वजह से रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है और दृष्टि हानि होती है तो इस स्थिति को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। यह अंधेपन का एक प्रमुख कारण बन सकता है। इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। यह आंखों की रोशनी को छीनकर व्यक्ति को अंधेरे में धकेल सकता है।
रेटिनल डिटैचमेंट आंखों से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है। इसमें आंख के पीछे का रेटिना, टिश्यू से अलग हो जाता है। इसकी वजह से ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। इस स्थिति को तुरंत इलाज की जरूरत होती है, अन्यथा हमेशा के लिए आंखों की रोशनी जा सकती है। आंखों में काले धब्बे दिखाई देना, अचानक से धुंधला दिखाई देना रेटिनल डिटैचमेंट के लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति को भी आंखों के लिए साइलेंट किलर माना जाता है, क्योंकि यह आंखों की रोशनी को जीवनकाल के लिए छीन सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।