हाई कोलेस्ट्रॉल में बढ़ जाता है इन 5 बीमारियों का खतरा, दिमाग की नसें हो जाती हैं ब्लॉक

Diseases Linked to High Cholesterol : शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर हाई होने की स्थिति में कई तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं इस बारे में-

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Written By: Mishra Kishori | Updated : December 18, 2024 3:39 PM IST

What diseases can occur due to high cholesterol : कोलेस्ट्रॉल एक फैट है, जो शरीर के लिए जरूरी होता है। इसकी मदद से शरीर के कई जरूरी काम होते हैं। लेकिन शरीर में कोलेस्ट्रॉल की अधिकता कई तरह की बीमारियों का कारण बनती है। इन बीमारियों में हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और अन्य समस्याएं होने का खतरा रहता है। इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में मरीजों को अपने खानपान और लाइफस्टाइल पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि स्थिति की गंभीरता को कम किया जा सके। इस लेख में हम आपको हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली बीमारियां कौन-कौन सी हैं?

एथेरोस्क्लेरोसिस होने की संभावना

शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में मरीजों को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) हो सकता है। इस स्थिति से जूझ रहे मरीजों को हार्ट डिजीज, स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल की परेशानी है, तो नियमित रूप से अपनी जांच कराएं और डॉक्टर द्वारा बताए गए दिशा-निर्देशों को अच्छे से फॉलो करें।

हार्ट अटैक का खतरा

शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ जाने की स्थिति में हार्ट अटैक का खतरा रहता है। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की स्थिति में नसों में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, क्योंकि ब्लॉकेज की परेशानी बढ़ने लगती है। ऐसे में हार्ट में ब्लड सही से नहीं पहुंच जाता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

स्ट्रोक की संभावना

हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है। दरअसल, शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल का स्तर धमनियों में वसा के जमाव का कारण बनता है। ऐसे में ब्लड के थक्के बनने लगते हैं, जिसकी वजह से स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में शरीर में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कम करना बहुत ही जरूरी हो जाता है।

दिमाग की नसें हो सकती हैं ब्लॉक

शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने की वजह से दिमाग की नसें ब्लॉक होने का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने की वजह से रक्त वाहिकाओं में प्लाक जमा होने लगता है, जिसकी वजह से ब्लड सर्कुलेशन होने में दिक्कत आती है। ऐसे में दिमाग में ऑक्सीजनऔर ब्लड का प्रवाह कम होने लगता है। इस स्थिति में आपको फौरन डॉक्टर की सलाह की जरूरत होती है।

कोरोनरी हार्ट डिज़ीज

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की स्थिति में मरीजों को कोरोनरी हार्ट डिज़ीज का खतरा रहता है। क्योंकि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण नसें ब्लॉक होने लगती है, जिसकी वजह से हार्ट में ब्लड और ऑक्सीजन का प्रवाह अच्छे से नहीं हो पाता है। ऐसे में हार्ट से जुड़ी कई तरह की परेशानियां होने की संभावना बढ़ जाती हैं।

हाई कोलेस्ट्रॉल कैसे करें कम

शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए आपको फौरन डॉक्टर से सलाह की जरूरत होती है, ताकि स्थिति की गंभीरता को रोका जा सके। इसके अलावा आप कुछ हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर भी आप हाई कोलस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं।

अधिक फाइबर खाएं : फाइबर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। इसके लिए आप अपने आहार में फलों, सब्जियों, बीन्स और ओट्स जैसे फाइबर युक्त आहार को शामिल कर सकते हैं।

ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार : ओमेगा-3 से भरपूर तैलीय मछली या बीज खाने से एचडीएल के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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