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Written By: Anshumala | Updated : June 5, 2020 5:12 PM IST
World Environment Day 2020: आपकी इन 5 आदतों से पर्यावरण को पहुंच रहा है नुकसान।© Shutterstock.
World Environment Day 2020 : स्वस्थ रहने के लिए हम सभी को प्रदूषण रहित ताजी हवा, साफ पानी और रहने के लिए घर की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह एक साफ-सुथरे और हेल्दी वातावारण की भी जरूरत होती है। लेकिन, खुद इंसानों की कुछ आदतें ऐसी हैं, जो पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित करती हैं। आज हर कोई अपनी इच्छा की पूर्ति के लिए पर्यावरण को किसी ना किसी रूप में नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि सभी साथ मिलकर पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के कुछ उपाय करें। अपनी उन आदतों को छोड़नी होगी, जिससे हर दिन पर्यावरण को हानि पहुंच रही है। जानें, इंसानों की कौन सी ऐसी आदते हैं, जो पर्यावरण को नुकसान (Habits that Affect Environment) पहुंचा रही हैं।
अक्सर कुछ लोग अपने घरों के हर कमरे में बिना काम के भी लाइट और पंखा चलते हुए छोड़ देते हैं। इससे बहुत ज्यादा बिजली की बर्बादी होती है। यह बुरी आदत अधिकतर लोगों में होती है। बिजली का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल या बर्बाद करना, हम इंसानों के लिए ही हानिकारक है। आपको ही जरूरत के समय बिजली प्राप्त नहीं होगी, अगर इस तरह से बिजली का मिस यूज किया जाएगा। बेहतर है कि आप दिन के समय बल्ब या ट्यूब लाइट कम ही जलाएं। अगर कमरे या हॉल में बाहर से रोशनी आ रही है, तो लाइट जलाना जरूरी नहीं है। अपनी इस आदत को जितनी जल्दी सुधार लेंगे, उतनी ही ज्यादा बिजली की खपत (habits that affect environment) कम होगी।
आजकल जहां देखो वहीं कंक्रीट से बनी ऊंची-ऊंची इमारते ही नजर आती हैं। दूर-दूर तक पेड़-पौधे नजर नहीं आते, जिसका नेचर और पर्यावरण पर बहुत अधिक नकारात्मक असर पड़ा है। इन बड़ी इमारतों को बनाने के लिए लोग अंधाधुंध पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। इससे ना सिर्फ पर्यावरणपर असर पड़ रहा है, बल्कि हरियाली भी कम हो रही है। बिल्डिंग बनने से वातावरण में हानिकारक धूल, मिट्टी, एज्बेस्टस के पार्टिकल्स आदि होने से शरीर को भी नकुसान पहुंचता है।
पानी के बिना एक दिन भी कोई जीवित नहीं रह सकता है। पानी का महत्व क्या है, इसे वही लोग जान सकते हैं, जो एक-एक बूंद पानी के लिए तरस जाते हैं। पानी स्वस्थ वातावरण के लिए भी बहुत जरूरी है। आजकल सोसायटी में रहने वाले लोग अपनी कार, बाइक को साफ करने के लिए ना जाने कितना पानी बहा देते हैं। नहाते समय या बर्तन और कपड़े साफ करते समय भी लोग नल को खुला छोड़ देते हैं। आपको सोचना चाहिए कि आपको बड़ी आसानी से पानी मिल जा रहा है, लेकिन आप उसे बचाने की बजाय बर्बाद कर रहे हैं। आज भी दुनिया भर में कई ऐसे हिस्से हैं, जहां दैनिक आधार पर पानी नहीं पहुंच पाता है।
World Environment Day 2020 : पर्यावरण दूषित होने से होती हैं कई गंभीर बीमारियां
कुछ लोग पास में जाने के लिए भी बाइक, कार का इस्तेमाल करते हैं। इनसे निकलने वाला हानिकारक धुंआं पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचा ही रहा है, आपकी सेहत को भी यह नुकसान पहुंचा सकता है। प्राइवेट वाहनों से बेहतर है कि आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ऑफिस, कॉलेज, स्कूल जाएं। इससे ट्रैफिक भी कम होगी, धुंओं के कारण वातावरण को नुकसान भी नहीं होगा। वाहनों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण द्वारा उत्सर्जित किया जाता है। यह शरीर के लिए हानिकारक है। आप अधिक से अधिक सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करें, ताकि पर्यावरण प्रदूषण भी कम हो और आप स्वस्थ और साफ हवा में सांस ले सकें।
प्लास्टिक की बोतलों और प्लास्टिक की वस्तुओं का आजकल लोग अधिक इस्तेमाल (Habits that Harming Environment) कर रहे हैं। सरकार ने भी पॉलीथिन, प्लास्टिक बैग और अन्य प्लास्टिक की वस्तुओं पर बैन लगा दिया है, फिर भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। प्लास्टिक बैग डिकंपोज नहीं हो सकता। यह पर्यावरण को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाता है। नदियों, समंदर में जाकर यह पानी को दूषित करते हैं। जलीय जीव-जंतुओं को इससे नुकसान पहुंचता है। लोग सड़क पर, कचरे के ढेर में पॉलीथिन आदि को फेंक देते हैं, जिसे गाएं, भैंसें इसे खा जाते हैं। ये इन जानवरों के इसोफेगस में चिपक जाती है, जिससे कई बार इनकी मृत्यु भी हो जाती है।
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