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Written By: anant shukla | Updated : September 20, 2024 12:31 PM IST
Vitamin D एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। हड्डियों को स्वस्थ रखने और कैल्शियम के अवशोषण में विटामिन डी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वैसे तो विटामिन डी का मुख्य स्त्रोत धूप है। लेकिन आप कुछ खाद्य पदार्थों से के सेवन से भी विटामिन डी की पूर्ति कर सकते हैं। धूप से मिलने वाले विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस लेवल को बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन डी हड्डियों के साथ-साथ दिमाग को भी स्वस्थ रखता है। इसके अलावा यह सूजन कम करने, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और हार्ट को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। लेकिन किसी भी चीज की अधिकता आपके लिए नुकसानदेह भी हो सकती है। ये बात शरीर में विटामिन की क्वांटिटी पर भी लागू होता है। अधिक मात्रा में विटामिन डी का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। मानक के अनुसार एक व्यक्ति को प्रति दिन 600 IU विटामिन डी लेनी चाहिए। लेकिन लगातार रोज 60,000 अंतर्राष्ट्रीय यूनिट (IU) विटामिन डी लेना आपके लिए घातक हो सकता है। बहुत अधिक विटामिन डी लेने से यह टॉक्सिक हो सकता है, जिसे हाइपरविटामिनोसिस भी कहा जाता है। इस स्थिति में थकान, सुस्ती, हड्डियों में दर्द और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि शरीर में अधिक विटामिन डी होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं।-
अधिक मात्रा में विटामिन लेने से भूख कम लगता है। इसके साथ ही शरीर में विटामिन डी की अधिक मात्रा खून में कैल्सियम को जमा सकता है, जिसे हाइपरकैल्सीमिया भी कहा जाता है। जिसकी वजह से मतली, उल्टी, कमजोरी और भूख में कमी की समस्या हो सकती है। अगर आपके भी शरीर में ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी का टेस्ट करा सकते हैं।
शरीर में अधिक विटामिन डी होने की वजह से कब्ज की समस्या भी हो सकती है। बॉडी में कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता से मल त्याग में समस्या हो सकती है। हालांकि कब्ज की समस्या के अन्य कई कारण भी हो सकते हैं। इस लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
विटामिन डी के अधिक सेवन से हाइपरकैल्सीमिया के सिकार हो सकते हैं, जिसकी वजह से थकान और सुस्ती महसूस कर सकते हैं। अगर आप अधिक दिनों से ऐसा महसूस कर रहे हैं तो विटामिन डी का टेस्ट करना सकते हैं।
विटामिन डी के अधिक सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा हॉर्ट से संबंधित समस्याएं और हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप बाहर से विटामिड का सप्लीमेंट ले रहे हैं, तों डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
बार-बार पेशाब आना भी शरीर में विटामिन डी की अधिक मात्रा का संकेत हो सकता है। हालांकि यह किडनी और डायबिटीज जैसी कई अन्य बीमारियों से संबंधित संकेत हो सकते हैं। अगर आपको लंबे समय से बार-बार पेशाब जाने की समस्या हो रही है, तो अपने डॉक्टर को दिखाएं।
विटामिन डी हड्डियों को मजबूत करने में मेदद करता है, लेकिन इसके बहुत अधिक सेवन से हड्डियों में दर्द हो सकती है। कई बार दूध के अत्यधिक फोर्टिफिकेशन और खाना पकाने के तेल के कारण भी विटामिन डी टॉक्सिक हो जाता है।