धूम्रपान ही नहीं इन 5 कारणों से भी फैलता है फेफड़ों का कैंसर, लक्षणों को पहचानकर तुरंत कराएं इलाज

Causes Lung Cancer Without Smoking : फेफड़ों के कैंसर का कारण न सिर्फ धूम्रपान होता है, बल्कि इसके पीछे के कई अन्य कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन कारणों के बारे में-

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Written By: Mishra Kishori | Updated : February 4, 2025 4:46 PM IST

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Medically Verified By: Dr Khyati Bhatia Grover

Lungs Cancer Causes : फेफड़ों का कैंसर किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। यह परेशानी अक्सर तब होती है, जब फेफड़ों की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। फेफड़ों की कोशिकाओं में यह परिवर्तन तब होता है, जब हम खतरनाक विषाक्त पदार्थों को सांस के जरिए शरीर में लेते हैं। यह खतरनाक विषाक्त पदार्थ आपके फेफड़ों के लिए काफी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। फेफड़ों में कैंसर होने के पीछे कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें धूम्रपान के अलावा कई अन्य  कारण शामिल हैं। इस लेख में हम आपको फेफड़ों में कैंसर होने के कारणों के बारे में बताएंगे। आइए पड़पटगंज स्थित मैक्स हॉस्पिटल की ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. ख्याति भाटिया ग्रोवर से जानते हैं फेफड़ों में कैंसर होने के कारण क्या हैं और किस तरह करें इसकी पहचान (Fefdo me Cancer ke Lakshan) ?

धूम्रपान का अधिक सेवन

फेफड़ों में कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण धूम्रपान हो सकता है। यह फेफड़ों के कैंसर के लगभग 90 प्रतिशत मामलों का कारण बनता है। दरअसल, तम्बाकू के धुएं में कई ऐसे केमिकल्स होते हैं, जिससे फेफड़ों का कैंसरविकसिक हो सकता है। ऐसे में अगर आप धूम्रपान कर रहे हैं, तो इसे आज ही छोड़ दें। यह फेफड़ों के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों के लिए घातक साबित हो सकते हैं।

फेफड़ों के कैंसर का जिम्मेवार है रेडॉन

फेफड़ों के कैंसर का जिम्मेवार रेडॉन हो सकता है। रेडॉन के संपर्क में आने से फेफड़े पर गहरा असर पड़ सकता है। बता दें कि रेडॉन एक रंगहीन, गंधहीन रेडियोएक्टिव गैस है, जो मिट्टी में प्राकृतिक रूप से मौजूद होती है। धूम्रपान के अलावा यह फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण हो सकता है।

खतरनाक केमिकल्स

कुछ खतरनाक केमिकल्स के संपर्क में आने से भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा रहता है। इन खतरनाक केमिकल्स में यूरेनियम, एस्बेस्टस, कैडमियम, क्रोमियम, आर्सेनिक,  निकल और कुछ पेट्रोलियम प्रोडक्स शामिल हैं। अगर आप इन केमिकल्स की मौजूदगी में सांस लेते हैं, तो इससे आपको लंग्स कैंसर होने का खतरा रहता है।

प्रदूषण भी है लंग्स कैंसर का कारण

हवा में मौजूद दूषित कणों की वजह से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। उदाहरण के लिए धुएं में मौजूद कण आपके लंग्स को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे कैंसर होने का खतरा हो सकता है।

जीन के कारण हो सकता है फेफड़ों का कैंसर

फेफड़ों का कैंसर होने के पीछे जीन भी हो सकते हैं। दरअसल, कुछ अनुवांशिक कारणों के कारण फेफड़ों के कैंसर के विकास की संभावनाओं में भूमिका निभा सकते हैं। अगर आपके परिवार में किसी व्यक्ति के फेफड़ों के कैंसर का इतिहास रहा है, तो आपके अंदर फेफड़ों के कैंसर विकसित होने की संभावना अधिक है। ऐसे में अपनी जांच समय-समय पर करवाते रहें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।