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Written By: Atul Modi | Published : December 29, 2023 3:46 PM IST
डायबिटीज को 'साइलेंट किलर' बीमारी कहा जाता है। यह एक गंभीर बीमारी है, जो अन्य बीमारियों को ट्रिगर करने का काम करती है। यह हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी और तंत्रिका क्षति का कारण भी बन सकती है। चिंता की बात यह है कि टाइप 2 डायबिटीज भारत सहित दुनियाभर के करोड़ों लोगों को प्रभावित कर रही है। और इससे पीड़ित लोगों की संख्या में दिनों दिन इजाफा हो रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि आप समय पर इस बीमारी पर ध्यान दें और इसका सही उपचार लें। इन 5 लक्षणों के माध्यम से आप टाइप 2 डायबिटीज को पहचान सकते हैं।
अगर आपको बार-बार यूरिन जाना पड़ता है और बहुत ज्यादा प्यास लगती है तो हो सकता है कि आप टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित हों। दरअसल, डायबिटीज होने पर रक्त में ग्लूकोज का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसके कारण गुर्दे इसे फिल्टर करने और ज्यादा यूरिन उत्पन्न करने के लिए अधिक मेहनत करते हैं। यही कारण है कि टाइप 2 डायबिटीज होने पर आपको बार-बार यूरिन जाना पड़ता है। वहीं शरीर अपने खोए हुए तरल पदार्थों को पूर्ण करने की कोशिश करता है और आपको प्यास भी बहुत ज्यादा लगती है। इन लक्षणों पर समय पर ध्यान देना जरूरी है।
भागदौड़ भरी जिंदगी में वैसे तो अधिकांश लोगों को थकान और कमजोरी महसूस होती है, लेकिन अगर आपको हर समय ही खुद में एनर्जी की कमी महसूस होती है और आप सुबह उठकर भी फ्रेश फील नहीं कर रहे हैं तो हो सकता है कि ये टाइप 2 डायबिटीज का लक्षण हो। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डायबिटीज के कारण शरीर ग्लूकोज का पूरा उपयोग नहीं कर पाता। जिसके कारण आप में एनर्जी नहीं रहती.
बिना किसी डाइट और एक्सरसाइज के अगर आपका वजन अचानक घटने लग जाए तो यह गंभीर स्थिति है। हो सकता है कि यह टाइप 2 डायबिटीज के कारण हो। दरअसल, डायबिटीज होने पर शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का ठीक से उपयोग नहीं कर पाता। ऐसे में ग्लूकोज के बजाय वह वसा और मांसपेशियों से ऊर्जा लेने लगता है। यही कारण है अचानक से आपका वजन कम हो जाता है।
अचानक से आंखें कमजोर होना टाइप 2 डायबिटीज के प्रमुख लक्षणों में से एक है। दरअसल, जब आपके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती है तो इससे आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। साथ ही यह आंखों के लेंस में सूजन का कारण भी बनता है। यही कारण है कि आपकी नजर कमजोर हो सकती है। समय पर इस लक्षण पर गौर करना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई बार इसके कारण आंखें बहुत ज्यादा कमजोर हो जाती हैं। यह अंधेपन का कारण भी बन सकता है।
टाइप 2 डायबिटीज से हमारी तंत्रिकाओं को क्षति पहुंचती है। रक्त में ग्लूकोज की अधिक मात्रा से हाथ-पैरों में सुन्नता, झनझनाहट होने लगती है। कई बार शरीर के अंगों में सुई जैसी चुभन महसूस होने लगती है। इसका असर आपके रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ता है। आप चीजों पर ठीक से पकड़ नहीं बना पाते, उन्हें उठाने में परेशानी महसूस करते हैं, कई बार आपको चलने में भी परेशानी हो सकती है।
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