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ये 5 इशारे करते हैं ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (OCD) की ओर इशारा, जानें क्या है ये डिसऑर्डर

इंसान की कई ऐसी आदतें होती हैं जिन्हें करने के लिए वह मजबूर हो जाता है। ये आदतें ऐसी होती हैं जिन्हें उसे न चाहते हुए भी करना पड़ता है। जैसे कि बार-बार हाथ धोना, अपनी चीजों को एक फिक्स तरह से रखना, सामने वाले की बात को अपने मुंह के अंदर ही अंदर दोहराना और बार-बार चीजें चेक करना आदि। ओसीडी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं लेकिन प्रारंभिक चरण में सही उपायों से आप इस विकार को आसानी से दूर कर सकते हैं। आज हम कुछ ऐसे लक्षण बता रहे हैं जो ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (OCD) से जूझ रहे व्यक्ति में दिखती हैं।

Written By Rashmi Upadhyay
Updated : October 16, 2020 10:39 AM IST

ये 5 इशारे करते हैं ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (OCD) की ओर इशारा, जानें क्या है ये डिसऑर्डर

इंसान की कई ऐसी आदतें होती हैं जिन्हें करने के लिए वह मजबूर हो जाता है। ये आदतें ऐसी होती हैं जिन्हें उसे न चाहते हुए भी करना पड़ता है। जैसे कि बार-बार हाथ धोना, अपनी चीजों को एक फिक्स तरह से रखना, सामने वाले की बात को अपने मुंह के अंदर ही अंदर दोहराना और बार-बार चीजें चेक करना आदि। ये आदतें मानसिक विकार ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (OCD) के संकेत हो सकते हैं। इस विकार से पीड़ित लोगों में जुनूनी विचार और मजबूरियां होती हैं जो उनके जीवन को अनावश्यक रूप से जटिल बनाती हैं। ओसीडी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं लेकिन प्रारंभिक चरण में सही उपायों से आप इस विकार को आसानी से दूर कर सकते हैं। आज हम कुछ ऐसे लक्षण बता रहे हैं जो ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (OCD) से जूझ रहे व्यक्ति में दिखती हैं।

जरूरत से ज्यादा हाथ धोना

हाथ धोना और सफाई करना एक अच्छी आदत है। इससे वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण के खतरे को कम करता है। लेकिन ओवरक्लीनिंग ओसीडी का संकेत हो सकता है। अगर आपको दिन में कई बार हाथ धोने या सैनिटाइज़र को रगड़ने की आदत हो गई है तो समझ लें कि आप ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (OCD) की चपेट में आ रहे हैं। बैक्टीरिया को हटाने की आड़ में ये आदम आपको OCD का शिकार बना रही है।

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चीजों को बार बार चेक करना

जब आप कोई काम को सही तरह से करने के बावजूद उसे बार बार चेक करें तो यह भी इस डिसऑर्डरका का एक संकेत हो सकता है। जैसे कि बार-बार देखना कि गेट का दरवाजा बंद है या नहीं, गैस का बटन चेक करना, छत पर जाकर देखना कि कोई बैठा तो नहीं है या मोटर का बटन चेकर करना आदि। ओसीडी से पीड़ित लोगों में 3-4 घंटों के बाद पुन: चेक करना एक आम व्यवहार बन जाता है।

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काम को एक ही पैटर्न में करना

ओसीडी वाले लोग कुछ संख्यात्मक पैटर्न के अनुसार गतिविधियां करते हैं और वे ज्यादातर समय इसका पालन करते हैं। उदाहरण के लिए, सीढ़ियों की गिनती करते समय या किसी विशेष समय पर एक निश्चित गतिविधि करते समय। ये व्यवहार ज्यादातर अंधविश्वास आधारित हैं। उन्हें डर है कि अगर वे उस कार्य को नहीं करेंगे, तो कुछ बुरा हो सकता है। अगर आपको अपने अंदर इस तरह की आदत तो समझ लें कि ये ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (OCD) है।

चीजों को एक ही तरह से रखना

ओसीडी से पीड़ित कुछ लोग अपनी चीजों को एक फिक्स तरह से रखना पसंद करते हैं। जैसे कि उन्हें अपना फोन लेफ्ट साइड, तो वॉटर बोतल राइट साइड रखना पसंद हो सकता है। और वे फिर इन चीजों को हमेशा इसी तरह से रखते हैं। अगर ऐसा न हो तो उन्हें बेचेनी होने लगती है। इन चीजों को लेकर उन्हें अपने आस-पास किसी भी तरह का बदलाव पसंद नहीं होता है।

परफेक्शनिस्ट

ओसीडी से पीड़ित अधिकांश लोग हर चीज में पूर्णता चाहते हैं। वे अपने लुक्स या किसी खास बॉडी पार्ट को लेकर सबसे ज्यादा सचेत रहते हैं। ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर से जूझ रहे लोग जिस चीज में परफेक्ट होते हैं उसमें फिर वह कम होना नहीं चाहते।