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Leg Swelling Reasons in Hindi: पैरों में सूजन इन दिनों बहुत ही आम परेशानी हो गई है। आमतौर पर लोग इसे अपने पेशे से जोड़कर देखते हैं। जैसे घंटों एक ही कुर्सी पर चिपक कर काम करने के कारण या बहुत देर तक खड़े रहने वाली नौकरी के कारण पैरों में सूजन आना। लेकिन असल में पैरों की सूजन के पीछे सिर्फ यही कारण नहीं हैं। न्यूरोलॉजी डॉ.प्रियंका सहरावत (दिल्ली एम्स) ने हाल ही अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पैरों की सूजन के पीछे छिपे कई गंभीर कारणों (Leg Swelling Cause Disease) का खुलासा किया है। इनके विषय में जानकारी होना हर किसी के लिए जरूरी है।
डॉ. प्रियंका के अनुसार, पैरों की सूजन सीधे तौर पर आपकी सेहत के बारे में बताती है। जरूरत है तो इसे समझने की और जरूरी कदम उठाने की।
1. एनीमिया : एनीमिया के कारण शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। ये कोशिकाएं ऑक्सीजन को ऊतकों तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होती हैं। ऑक्सीजन की यह कमी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके कारण इनके आसपास का द्रव ऊतकों में रिसने लगता है, जिसके कारण पैरों में सूजन आ जाती है।
2. हाइपोथायरायडिज्म : हाइपोथायरायडिज्म में थायराइड ग्रंथि द्वारा उत्पादित थायरोक्सिन यानी टी 4 हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। टी 4 हार्मोन कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करने में शरीर की मदद करता है। जब इस हार्मोन का स्तर कम होता है तो रक्त वाहिकाओं की दीवारें मोटी होने लगती हैं और रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। यही कारण है कि पैरों और टखनों में सूजन आ जाती है।
3. हृदय संबंधी समस्याएं : जब हृदय कमजोर हो जाता है और शरीर में ठीक से रक्त पंप नहीं कर पाता है तो पैरों और टखनों में द्रव जमा होने लगता है। इस स्थिति को एडिमा कहा जाता है। यह स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
4. गुर्दे की बीमारी : पैरों में सूजन गुर्दे की बीमारी की ओर इशारा करती है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वस्थ गुर्दे रक्त में मौजूद प्रोटीन एल्बुमिन को मूत्र में जाने से रोकते हैं। लेकिन जब गुर्दे की बीमार हो जाती हैं तो वो एल्बुमिन को रक्त में बनाए रखने में असमर्थ हो जाती है। रक्त में एल्बुमिन के कम स्तर से पैरों में सूजन आने लगती है।
5. लिवर सिरोसिस : लिवर सोडियम को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। लिवर सिरोसिस में क्षतिग्रस्त लिवर सोडियम को प्रभावी ढंग से निकालने में असमर्थ हो जाता है। शरीर में सोडियम के उच्च स्तर से पैरों में सूजन की समस्या हो सकती है।
पैरों में दिखने वाली सूजन को कभी भी नजरअंदाज न करें। अगर आपको सूजन नजर आ रही है तो सीबीसी, एलएफटी, आरएफटी, शुगर लेवल, थायराइड लेवल की जांच करवाएं। कुछ लोगों के एक पैर में सूजन आती है। ऐसा उस स्थिति में होता है, जब नसों में थक्के जमते हैं। अगर ऐसी स्थिति लगातार नजर आए आपको अल्ट्रासाउंड वेनस डॉपलर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।
पैरों की सूजन को कम करने के लिए कुछ छोटे-छोटे उपाय आप कर सकते हैं। लेटते समय पैरों के नीचे दो तकिए लगाएं। अगर आप लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं तो सामने स्टूल लगाएं और पैर उसपर रखें। अगर बहुत देर तक खड़े रहने का काम है तो हर दो घंटे में बैठने की कोशिश करें।