25-30 की उम्र में हाई बीपी होने के पीछे छिपे हैं ये 5 कारण, नौजवानों को देना चाहिए ध्यान

High BP In Youngs: क्या आपके घर में भी ऐसे नौजवान हैं जो जवानी में ही हाई बीपी से परेशान हैं? अगर हां तो आइए आपको बताते हैं इसका क्या कारण है।

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Written By: Vidya Sharma | Published : January 13, 2026 8:35 AM IST

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Medically Verified By: Dr Bipeenchandra Y Bhamre

25-30 Ki Age Mai High BP Ka Karan: आज से कुछ साल पहले तक हाई ब्लड प्रेशर यानी हाई बीपी को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था। लेकिन बदलते लाइफस्टाइल और बढ़ते मानसिक दबाव के कारण अब 25  से 30 साल की उम्र के युवा भी इस समस्या का शिकार हो रहे हैं। यह चिंताजनक है क्योंकि अधिकतर युवाओं को इसका अंदाजा तक नहीं होता, और बिना लक्षणों के यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। ऐसे में में हम सभी के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए हमने सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल, मुंबई के कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन डॉक्टर डॉक्टर बिपीनचंद्र भामरे से बात की। और जाना कि आखिर 25-30 की उम्र में हाई बीपी होने के पीछे छिपे कौन से कारण हैं? और नौजवान अपनी सेहत का ख्याल कैसे रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि 'हाई बीपी दिल, किडनी और दिमाग पर बुरा असर डाल सकता है। समय रहते इसके कारणों को समझना और जीवनशैली में सुधार करना बेहद जरूरी है।' आइए जानते हैं वो 5 प्रमुख कारण कौन से हैं जो आज के युवाओं में हाई बीपी को बढ़ावा दे रहे हैं।

ज्यादा स्ट्रेस और मानसिक दबाव

आज का युवा करियर, नौकरी, पैसे और सोशल लाइफ के दबाव में लगातार तनाव में रहता है। नींद की कमी, ओवरथिंकिंग और हर समय मोबाइल या लैपटॉप से जुड़े रहने से दिमाग को आराम नहीं मिलता। लगातार बना रहने वाला स्ट्रेस शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ा देता है, जो ब्लड प्रेशर को ऊपर ले जाते हैं।

गलत खानपान

फास्ट फूड, पैकेज्ड स्नैक्स, ज्यादा नमक, तली हुई चीज़ें और मीठे पेय आज युवाओं की डाइट का हिस्सा बन चुके हैं। इनमें सोडियम और ट्रांस फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो धमनियों को सख्त बनाकर ब्लड प्रेशर बढ़ा देती है। घर का ताजा और संतुलित भोजन न लेना भी एक बड़ा कारण है।

फिजिकल एक्टिविटी की कमी

ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठे रहना, घर आकर मोबाइल या टीवी के सामने बैठ जाना- यह आज की आम दिनचर्या है। शरीर को रोज़ाना चलने-फिरने और पसीना बहाने की जरूरत होती है। जब एक्सरसाइज नहीं होती, तो वजन बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे हाई बीपी का खतराबढ़ जाता है।

नींद की गड़बड़ी

रात देर तक जागना, मोबाइल पर स्क्रॉल करना और अनियमित नींद लेना अब आम हो गया है। नींद की कमी शरीर के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ देती है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं रहता। लंबे समय तक नींद की अनदेखी हाई बीपी को जन्म दे सकती है।

स्मोकिंग और शराब का सेवन

युवाओं में सिगरेट, हुक्का और शराब का चलन तेजी से बढ़ा है। ये आदतें धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं और दिल को ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर करती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। कई बार लोग इसे 'सोशल हैबिट' समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर समस्या बन जाती है।

क्या करें बचाव के लिए?

युवाओं को चाहिए कि वे समय पर बीपी चेक करवाएं, रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें, संतुलित आहार लें और तनाव को कंट्रोल करने के लिए योग या मेडिटेशन अपनाएं। अच्छी नींद और नशे से दूरी भी बेहद ज़रूरी है। याद रखें, हाई बीपी को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। इसलिए 25-30 की उम्र में ही जागरूक होना ही भविष्य को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका है।

Highlights

  • खराब लाइफस्टाइल के कारण कम उम्र में हाई बीपी की समस्या होती है।
  • स्ट्रेस शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ा देता है, जो ब्लड प्रेशर को ऊपर ले जाते हैं।
  • समय पर बीपी चेक करवाएं, रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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