
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : December 25, 2025 1:19 PM IST
Year Ender Story: महिलाओं को अपने जीवन में कई तरह के बदलावों से गुजरना पड़ता है। पहले मासिक धर्म, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज आदि का महिलाओं के जीवन में गहरा असर पड़ता है। इसकी वजह से महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी होते हैं, जिसका उनके जीवन पर असर पड़ता है। इतना ही नहीं, उन्हें अपने पूरे जीवनकाल में शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा बीमार रहती हैं, इसके पीछे उनके जीवन में होने वाले बदलाव ही जिम्मेदार हैं। कुछ बीमारियां ऐसी हैं, जो महिलाओं में ही ज्यादा देखने को मिलती है। आपको बता दें कि साल 2025 में महिलाओं से जुड़ी ये बीमारियां सबसे ज्यादा चर्चा में रही थी।
एनीमिया यानी खून की कमी, महिलाओं में होने वाली एक सबसे आम बीमारी है। भारत में हर दूसरी महिला एनीमिया रोग से जूझ रही है। साल 2025 में भी महिलाओं में एनीमिया के मामले ज्यादा देखने को मिले। थकान, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा का पीला पड़ना और सुस्ती एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। अगर आपको एनीमिया रोग है तो अपनी डाइट में आयरन से भरपूर फूड्स जरूर शामिल करें। आप पालक, चुकंदर, अनार और अंडे का खूब सेवन करें। इसके साथ ही, अपनी डाइट में विटामिन सी को शामिल करें। विटामिन सी, आयरन के अवशोषण को बढ़ा देता है।
पीसीओएस, महिलाओं को होने वाली एक बेहद आम बीमारी है। यह हार्मोनल इंबैलेंस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। पीसीओएस महिलाओं में रिप्रोडक्टिव सिस्टम को प्रभावित करता है। महिलाओं में पीसीओएस के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही हैं। पीसीओएस होने पर पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। इसके अलावा, चेहरे पर बाल उगना, मुंहासे, वजन बढ़ना आदि भी पीसीओएस के लक्षण होते हैं। पीसीओएस से बचाव के लिए आपको रोजाना एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए और हेल्दी डाइट को फॉलो करना चाहिए। साल 2025 में पीसीओएस के बारे में खूब चर्चा हुई है।
यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, महिलाओं में होने वाली एक सबसे कॉमन समस्या है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई के मामले ज्यादा सामने आते हैं। साल 2025 में महिलाओं के यूटीआई के कई मामले सामने आए और इस विषय पर लोगों में भी काफी चर्चा रही। दरअसल, यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होता है और हर महिला को अपने जीवन में कभी-न-कभी यूटीआई से जूझना पड़ता है। महिलाओं में यूटीआई ज्यादा कॉमन इसलिए है, क्योंकि बैक्टीरिया आसीनी से ब्लैडर तक पहुंच जाता है। पेशाब करते समय जलन होना, बार-बार टायलेट जाना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना आदि यूटीआई के लक्षणहो सकते हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।