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Written By: Anshumala | Published : January 22, 2021 8:28 PM IST
Hair Problems: बालों में होने वाली ये 5 समस्याएं, इन गंभीर शारीरिक बीमारियों की तरफ करती हैं इशारा।
Hair Problems Related Health Issues: बालों की समस्या (Hair Problems) से अधिकतर लोग आज परेशान रहते हैं। बालों का झड़ना, बालों का असमय सफेद होना, बालों में डैंड्रफ की समस्या ये कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जिससे ज्यादातर लोग ग्रस्त हैं। लाख घरेलू नुस्खे अपनाने के बाद भी बालों से संबंधित ये परेशानियां दूर नहीं होती हैं। यदि आप बालों से संबंधित इन समस्याओं को हल्के में लेते हैं, तो ऐसा ना करें। ये सेहत से संबंधित कई बीमारियों की तरफ भी इशारा करती हैं। आमतौर पर बालों की समस्याएं बढ़ती उम्र, साफ-सफाई ना करने, पोषण की कीम आदि से होती हैं, लेकिन कुछ अन्य शरीरिक रोगों के होने की तरफ भी इशारा करती हैं, बालों की ये समस्याएं (Hair Problems Related Health Issues)...
एक रिपोर्ट के अनुसार, सफेद बाल कई बार तनाव (Stress) ग्रस्त होने की तरफ इशारा करता है। यदि आपके बाल कम उम्र में ही सफेद हो रहे हैं, तो हो सकता है आप बहुत ज्यादा तनाव लेते हों, इसे क्रोनिक स्ट्रेस (Chronic stress) भी कह सकते हैं। बाल सफेद तब होते हैं, जब डीएनए डैमेज होता है और हेयर फॉलिकल्स में पिग्मेंट का निर्माण करने वाली कोशिकाओं के सप्लाई को कम कर देता है। इसके अलावा, ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) के कारण भी बाल सफेद होते हैं। तवान (Hair Problems causes Health Issues) से बाल भी अधिक टूटते हैं। ऑक्सि़डेटिव स्ट्रेस पिग्मेंट का निर्माण करने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। बाल सफेद (Gray Hair) होना वास्तव में उम्र बढ़ने का एक नेचुरल हिस्सा है, क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है हेयर फॉलिकल्स कम रंगों का निर्माण करती हैं। कई बार बालों के सफेद होने का कारण जींस (Genes) भी होती हैं।
भंगुर बाल या ब्रिटल हेयर (Brittle Hair) कुशिंग सिंड्रोम का एक लक्षण हो सकता है, जो एक दुर्लिभ शारीरिक समस्या है। यह शरीर में कॉर्टिसोल के बहुत अधिक उत्पादन होने के कारण होता है। कॉर्टिसोल के कारण तनाव लेवल बढ़ जाता है। हालांकि, कुशिंग सिंड्रोम के कई अन्य लक्षण भी होते हैं, जिनमें उच्च रक्तचाप, थकान और पीठ दर्द शामिल हैं।
जिन लोगों को हाइपोथायरॉयडिज्म (Hypothyroidism) होता है, उनमें बालों के लगातार गिरने की समस्या नजर आती है। हाइपोथायरॉयडिज्म एक ऐसी शारीरिक स्थिति है, जब आपकी थायरॉएड ग्रंथि या ग्लैंड (thyroid gland) पर्याप्त मात्रा में थायरॉएड हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है। इससे हेयर शे़डिंग और बालों के रंग में बदलाव (balon ki samasya se judi bimari) देखने को मिल सकता है।
यदि आपको कुछ दिनों से बाल धोते समय या कंघी करते समय अधिक बाल टूटते दिख रहे हैं, तो अलर्ट हो (Hair Problems Related Health Issues) जाएं। यह शरीर में एनीमिया की कमी की तरफ इशारा करते हैं। हालांकि, इस बात की जानकारी नहीं है कि क्यों एनीमिया की कमी के कारण बाल गिरने लगते हैं। ऐसे में ब्लड टेस्ट के जरिए पता कर सकते हैं कि एनीमिया की कमी है या नहीं। एनीमिया को दूर करने के लिए आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। आयरन सप्लीमेंट्स लें। इससे काफी हद तक बाल गिरना बंद हो जाएगा।
बालों, कंधों, भौहों पर सफेद या पीले फ्लेक्स नजर आएं तो ये डैंड्रफ होने का संकेत हैं। यह एक तरह का क्रोनिक स्कैल्प कंडीशन है। हालांकि, बालों में रूसी होना कोई गंभीर सेहत से संबंधित समस्याओं की तरफ इशारा नहीं करता है। डैंड्रफ कई बार सोरायसिस (त्वचा से संबंधित रोग) के कारण भी होता है। आमतौर पर इसका इलाज डैंड्रफ दूर करने वाले शैम्पू, हेयर स्पेशियलिस्ट द्वारा बताए गए शैम्पू को अप्लाई करने से ठीक हो जाता है। इसके अलावा, कुछ घरेलू उपायों से भी डैंड्रफ की समस्या (Home Remedies for Dandruff) दूर की जा सकती है।
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