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Written By: Atul Modi | Published : February 28, 2022 1:35 PM IST
आंखों की बीमारी के कारण मृत्यु होने की काफी कम संभावनाएं हैं। फिर भी कुछ आंखों से जुड़े इंफेक्शन ऐसे होते हैं जो काफी गंभीर हो सकते हैं और जिनके कारण आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है। जब आंखों में बैक्टीरिया, वायरस या फंगी के कारण इंफेक्शन हो तो प्रभावी इलाज लेना काफी आवश्यक हो सकता है। निम्न 5 ऐसी बीमारियां हैं जो आंखों के लिए काफी खतरनाक हो सकती हैं। ये जानकारी हम आप तक डॉ पूजा अंगादी (वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, शार्प साईट आई हॉस्पिटल्स) के माध्यम से पहुंचा रहे हैं।
यह बीमारी काफी आम है और इसका संक्रमण तेजी से फैलता है। यह बच्चों में खासकर डे केयर सेंटर, स्कूल की क्लास और ऐसे ही वातावरण में फैलती है। इन संस्थाओं में काम करने वाली टीचर और अन्य स्टाफ भी इस स्थिति के रिस्क में रहते हैं। यह इंफेक्शन आमतौर पर बैक्टीरिया या वायरल ओरिजिन के द्वारा फैलता है। अगर मां को सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज हो तो शिशु को भी यह बीमारी होने का खतरा हो सकता है।
इस बीमारी की पहचान 2006 में पूरे विश्व में हो गई थी जब कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों में यह अधिक फैल रही थी और अब वह कॉन्टैक्ट लेंस सोल्यूशन बाजार से हटा दिया गया है। यह फंगल इंफेक्शन फुसरिस्म फंगी के कारण फैलता है। इस तरह की फंगी ऑर्गेनिक मैटर में पाई जाती है।
यह आंखों से जुड़ी एक काफी खतरनाक इंफेक्शन है जिसके कारण अंधापन भी देखने को मिल सकता है। यह इंफेक्शन एक माइक्रोसिपिक और फ्री लिविंग अमीबा द्वारा फैलती है। इस अमीबा को अकंथामोबा कहा जाता है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को ऐसे पैरासाइट से फैलने वाली बीमारियों का रिस्क अधिक होता है। इससे खतरनाक इंफेक्शन फैलने का रिस्क रहता है। इसलिए ही कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को सेफ्टी टिप्स का पालन करना चाहिए। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के साथ साथ स्विमिंग नहीं करनी चाहिए। अगर आप स्विमिंग करते समय या बाथ टब में रिलैक्स करते समय लेंस पहनते भी हैं तो इन्हें उतार कर डिस इनफेक्ट कर लें।
विश्व के कई हिस्सों में अंधेपन का कारण यही बीमारी है। यह मक्खियों द्वारा प्रदूषित वातावरण में फैलती है और इससे री इन्फेक्शन का खतरा होता है। यह आंतरिक आईलिड को प्रभावित करती है और यह आईलिड में स्कार उत्पन्न कर सकती है। इससे कॉर्निया का टिश्यू नष्ट हो जाता है। अच्छे हाइजीन और उपचार जैसे ओरल एंटी बायोटिक्स के द्वारा इसे ठीक किया जा सकता है।
बैक्टीरिया से उत्पन्न होने वाला यह इंफेक्शन एक गंभीर बीमारी है। इसका सबसे मुख्य कारण है आंख की इंजरी होना। अगर आई सर्जरी जैसे कैटरेक्ट सर्जरी करवाई है तो यह इंफेक्शन एक साइड इफेक्ट के रूप में देखने को मिल सकता है।
कई बार उम्र बढ़ने के साथ होने वाली स्थिति जैसे कैटरेक्ट, डायबिटिक रेटीनोपैथी आदि भी मृत्यु रिस्क बढ़ाने वाली बीमारियों की श्रेणी में आती हैं। इनसे वैस्कुलर रिस्क भी बढ़ सकता है।
भाग्यवश अधिकतर आई इंफेक्शन एंटी बायटिक आई ड्रॉप और ऑइंटमेंट्स जैसे उपचार के द्वारा आई इंफेक्शन को ठीक किया जा सकता है। बहुत से लोगों में आई इन्फेशन अपने आप भी ठीक हो जाता है। गम्भीर इंफेक्शन के केस में आई ड्रॉप की सलाह दी जा सकती है। इंफ्लेमेशन के केस में भी स्टीरॉयड आई ड्रॉप को भी सुझाया जा सकता है।
(Inputs: Dr. Pooja A Angadi, Senior Consultant, Sharp Sight Eye Hospitals)