इन 5 बीमारियों के बाद बढ़ जाता है लिवर फेलियर का खतरा, समय पर हो जाएं सतर्क

Diseases That Cause Liver Damage : कुछ गंभीर बीमारियों की वजह से लिवर फेलियर का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इन बीमारियों के बारे में-

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Written By: Mishra Kishori | Updated : November 7, 2024 1:36 PM IST

Diseases That Causes Liver Failure : लिवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। यह हर दिन पित्त बनाता है। साथ ही आपके आहार से पोषक तत्वों को परिवर्तित करता है। इतना ही नहीं, लिवर ब्लड से विषाक्त पदार्थों को साफ करने में असरदार साबित हो सकता है। इसके अलावा लिवर के कई प्रमुख कार्य होते हैं। ऐसे में लिवर को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी होता है। लिवर में अगर किसी तरह की परेशानी हो जाए, तो आपके शरीर का कई अन्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए लिवर को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी हो जाता है। लिवर डैमेज यानि लिवर फेलियर होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें कुछ बीमारियां भी शामिल हैं। जी हां, कुछ बीमारियां होने के बाद लिवर डैमेज या लिवर फेलियर का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं लिवर फेलियर के पीछे कौन-कौन सी बीमारियां हैं?

वायरल हेपेटाइटिस

हेपेटाइटिस ए, बी और ई लिवर फेलियर के प्रमुख कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से विकासशील देशों में इसका खतरा अधिक होता है।हेपेटाइटिस बी भी लीवर फेलियर का कारण बन सकता है। अगर यह इम्यूनोसप्रेसिव थेरेपी के बाद फिर से एक्टिव हो जाए, तो लिवर फेलियर का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

डेंगू के बाद भी प्रभावित होता है लिवर

डेंगू होने के बादकई मरीजों का लिवर प्रभावित होता है। यह लिवर फेलियर का कई बार कारण भी बन सकता है। मुख्य रूप से युवा वयस्कों (मध्य आयु, 29 वर्ष) में यह सबसे आम है। अगर आप डेंगू से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, तो इस स्थिति में आपको अपने लिवर की जांच जरूर करानी चाहिए। ताकि आपकी स्थिति का समय पर इलाज हो सके।

हेमोक्रोमैटोसिस लिवर को करता है प्रभावित

यह एक जेनेटिक विकार है, जिसके कारण शरीर बहुत अधिक आयरन को अवशोषित और संग्रहित करता है, जो लिवर में जमा हो सकता है। इससे लिवर पर दबाव बढ़ने लगता है, जिसकी वजह से लिवर फेलियर का खतरा काफी ज्यादा रहता है।

लिवर कैंसर

कैंसर, जो लिवर की कोशिकाओं में शुरू होता है, जिसमें हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (HCC) सबसे आम प्रकार है। यह लिवर फेलियर का कारण बन सकता है। ऐसे में अगर आपको लिवर कैंसर है या लिवर में कैंसर होने की संभावना है, तो ऐसी स्थिति में आपको अपने लिवर की जांच समय-समय पर कराने की जरूरत है।

पीलिया भी बन सकता है लिवर फेलियर की वजह

यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बिलीरुबिन का निर्माण काफी ज्यादा होने लगता है। इस स्थिति में स्किन, आंखों और श्लेष्म झिल्ली के पीले रंग नजर आने लगते हैं। पीलिया कई चीजों के कारण हो सकता है, जिसमें हेपेटाइटिस, पित्त पथरी और ट्यूमर शामिल हैं। यह बीमारी भी लिवर फेलियर का कारण बन सकती है।

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