किडनी कैंसर होने से पहले शरीर में दिखते हैं ये 5 बदलाव, जानिए Kidney Cancer के शुरुआती लक्षण
Kidney Cancer Symptoms: किडनी कैंसर के शुरुआती चरण का पता लगाना मुश्किल है। लेकिन कुछ सावधानियों के साथ हम इससे बच सकते हैं....
दुनिया में किडनी कैंसर (Kidney Cancer) का तेजी प्रसार हो रहा है। प्रति वर्ष चार लाख से अधिक किडनी कैंसर के नए मामले दर्ज किये जा रहे हैं। यानी कि प्रतिवर्ष किडनी कैंसर के मरीजों की संख्या में 2% की दर से बढ़ोत्तरी हो रही है। ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी इंडिया (GLOBOCAN) के अनुसार भारत में किडनी कैंसर के मामले 1.2 प्रतिशत है। आमतौर पर किडनी कैंसर बढ़ती उम्र के लोगों में देखा जाता है। लेकिन कुछ प्रकार के कैंसर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में भी देखे जा रहे हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इसका खतरा दो गुना अधिक होता है। सबसे सामान्य किडनी कैंसर रीनल सेल कार्सिनोमा (Renal Cell Carcinoma Early Symptoms) है, जो 90% मामलों में पाया जाता है।
किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षण - (Early Symptoms Of Kidney Cancer In Hindi)
किडनी कैंसर के शुरुआती चरणों में कुछ पता नहीं चलता है। इसके कोई खास लक्षण नहीं होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
1. हेमट्यूरिया (Haematuria)
यह किडनी कैंसर का सबसे आम लक्षण है, जिसमें पेशाब में खून आने लगता है। पेशाब का कलर हल्के पीले से गुलाबी या गहरे भूरे रंग में बदल जाता है। लेकिन यह कैंसर का कोई निश्चित संकेत नहीं है। अगर ऐसा होता है तो डॉक्टर को अवश्य दिखाएं।
2. पीठ के निचले हिस्से में गांठ
यदि आप को पीठ के निचले हिस्से में दोनों तरफ गांठ या भरीपन महसूस होता है। इसके साथ ही अंदर कुछ खिंचाव जैसा महसूस होता है, तो सावधान हो जाएं। क्योंकि यह किडनी कैंसर का लक्षण हो सकता है।
3. पसलियों और कमर के बीच दर्द
यदि आपके पसलियों और कमर के बीच पीठ के आसपास दर्द महसूस हो रहा है, तो यह किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है। हालांकि यह निश्चित तौर पर संकेत नहीं है। अगर इसके साथ मूत्र में रक्त आ रहा है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
4. वजन कम होना
यदि आपका वजन अचानक से कम होने लगता है। भूख भी नहीं लगती। लगातार थकावट महसूस कर रहे हैं,हल्का-फुल्का बुखार भी है, तो सावधान हो जाएं। क्योंकि यह किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है।
5. हाई ब्लड प्रेशर
किडनी कैंसर होने की स्थिति में ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। क्योंकि किडनी कैंसर ब्लड प्रेशर को नियमित करने वाले फंक्शन को प्रभावित करता है। इसके अलावा पैरों और जोड़ों में सूजन भी आ सकता है।
किडनी कैंसर से बचाव - How to Prevent Kidney Cancer
विभिन्न जांच के माध्यम से अब किडनी कैंसर के शुरुआती चरणों का भी पता लगाया जा सकता है। इसमे अल्ट्रासाउंड, कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन, बायोप्सी, ब्लड, मूत्र परीक्षण और पीईटी स्कैन जैसे विभिन्न पद्धतियां शामिल है।
बायोप्सी और आणविक परीक्षण
लिवर की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी के लिए बायोप्सी और आणविक टेस्ट किया जाता है। यह किडनी कैंसर का पता लगाने और उसके नियंत्रण में भी सहायक होते हैं।
नियमित जांच
एक व्यक्ति अपने शरीर को अच्छी तरह समझता है। इसलिए नियमित और सामान्य स्वास्थ्य में कोई समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर के पास जाने से भी किडनी कैंसर के शुरुआती चरणों का पता लगाया जा सकता है।