
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Amit Bhushan Sharma
heart health
क्या आपको पता है हार्ट डिजीज के लिए सबसे ज्यादा क्या जिम्मेदार होता है? आजकल हृदय रोग के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है, हार्ट डिजीज दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। वैसे तो अनहेल्दी खाना और खराब लाइफस्टाइल को हृदय रोगों का मुख्य कारण माना जाता है। लेकिन, इनके अलावा भी कई ऐसे रिक्स फैक्टर्स हैं जो हृदय रोग का कारण बन सकते हैं।
CDC के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन, हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा सकता है। हाई बीपी को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। ज्यादातर मामलों में हाई बीपी का कोई लक्षण महसूस नहीं होता है। लेकिन, जब लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है तो दिल और रक्त वाहिकाओं पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल भी हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है। खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर धमनियों में प्लाक जमा होने लगता है। इससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और हार्ट डिजीज का रिस्क काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है। समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करानी चाहिए।
अगर आपको डायबिटीज है, तो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में करना बहुत जरूरी है। डायबिटीज रोगियों में हार्ट डिजीज का रिस्क काफी ज्यादा रहता है। इससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। CDC के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हार्ट डिजीज से होने वाले मौतों का खतरा भी ज्यादा बना रहता है।
अगर आप तंबाकू का सेवन करते हैं या सिगरेट पीते हैं, तो हार्ट डिजीज का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। धूम्रपान करने से दिल और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। सिगरेट में निकोटीन होता है, जो ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है। इतना ही नहीं, सेकेंड हैंड स्मोक भी हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकता है।
पारस हेल्थ, गुरुग्राम में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर और यूनिट हेड डॉ. अमित भूषण शर्मा बताते हैं कि आप कुछ टिप्स को फॉलो करके हार्ट हेल्थ में सुधार कर सकते हैं। जैसे
अगर आप इन आदतों को अपनाएंगे, तो इनसे हृदय रोग के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। इनकी मदद से हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer: समय-समय पर हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की जांच कराते रहें। ये हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाते हैं। अगर हृदय रोग से जुड़ा कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो इस संकेत की अनदेखी बिल्कुल न करें। समय पर इलाज कराएं और स्वस्थ रहें।