
... Read More
Written By: Atul Modi | Published : April 27, 2024 5:02 PM IST
एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम (AIDS) एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। यह एक संक्रामक रोग है, जो इन्फेक्टेड पर्सन के बॉडी फ्लूड, ब्लड, सीमन, वजाइनल सिक्रेशन और ब्रेस्ट मिल्क के कारण दूसरों को भी हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि समय पर इस रोग का पता लगा कर ट्रीटमेंट लिया जाए। एड्स का पता लगाने के लिए कई टेस्ट करवाए जा सकते हैं।
इसे सीबीसी टेस्ट भी कहते हैं। इसमें ब्लड की पूरी जांच की जाती है, जैसे- रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स, प्लेटलेट्स काउंट आदि। ब्लड में व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी लिम्फोसाइट्स कहलाती है। इसका मतलब ये है कि आपका इम्यूनिटी सिस्टम वीक है और आपको आगे और टेस्ट करवाने की जरूरत है।
एचआईवी की जांच के लिए यह एक जरूरी टेस्ट हो सकता है। यह एचआईवी वायरस के एक प्रोटीन पी24 एंटीजन की उपस्थिति का पता लगाता है। यह टेस्ट एचआईवी इन्फेक्शन के शुरुआती स्टेज में भी एड्स का पता लगा सकता है। एचआईवी पी24 एंटीजन टेस्ट एचआईवी संक्रमण के 11 से 56 दिनों के अंदर पॉजिटिव रिजल्ट दिखा सकता है।
पी24 एंटीजन टेस्ट में गड़बड़ी मिलने के बाद आमतौर पर एचआईवी एंटीबॉडी टेस्ट करवाया जाता है। एचआईवी एंटीबॉडी टेस्ट एड्स का पता लगाने के लिए सबसे आम और सटीक टेस्ट में से एक है। यह टेस्ट एचआईवी वायरस के कारण शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी के बारे में बताता है। एचआई एंटीबॉडी टेस्ट मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। एंजाइम-लिंक्ड इम्युनो ऐेसे यानी एलिसा टेस्ट। यह एक ब्लड टेस्ट है, जो एंजाइमों का उपयोग करके एचआईवी एंटीबॉडी का पता लगाता है। यह सबसे आम प्रकार का एचआईवी एंटीबॉडी टेस्ट है। वहीं दूसरा टेस्ट है वेस्टर्न बोल्ट। यह भी एक ब्लड टेस्ट ही है, जो एचआईवी एंटीबॉडी और एंटीजन दोनों का पता लगाता है। ये टेस्ट 20 से 30 मिनट के अंदर इसके रिजल्ट मिल जाते हैं।
इस टेस्ट को कॉम्बिनेशन या डुओ टेस्ट भी कहा जाता है। यह टेस्ट एंटीजन और एचआईवी एंटीबॉडी दोनों की पहचान करके एंटीबॉडी का पता लगाता है। यह एचआईवी एंटीबॉडी टेस्ट की तुलना में जल्दी और सटीक परिणाम देता है। इस एडवांस टेस्ट के जरिए उन लोगों में एचआईवी इन्फेक्शन का पता लग सकता है जिन्हें एचआईवी एंटीबॉडी टेस्ट के सटीक रिजल्ट नहीं मिलते हैं। यह दो से तीन वीक के अंदर एचआईवी इन्फेक्शन की पहचान करता है।