Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Thyroid Problems : थायरायड आपकी गर्दन के सामने एक छोटी, तितली के आकार की ग्रंथि है। यह हमारे शरीर में हार्मोन का निर्माण करता है, जो शरीर द्वारा ऊर्जा के उपयोग के तरीके को कंट्रोल करने में मददगार हो सकता है। ये हार्मोन आपके शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करते हैं और आपके शरीर के कई सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, वे आपकी सांस लेने, हृदय गति, वजन, पाचन और मूड को प्रभावित करते हैं। शरीर में थायराइड की परेशानी होने पर हार्मोन असंतुलित होने लगता है, जिसकी वजह से मरीजों को कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। शरीर में थायराइड बढ़ने पर पैरों के आसपास कई तरह की तकलीफ होने लगती है। आइए जानते हैं थायराइड की वजह से पैरों के आसपास होने वाली परेशानियां कौन सी हैं?
थायराइड की स्थिति में पैरों के आसपास काफी ज्यादा सूजन होने लगता है। अगर आपको ऐसी परेशानी महसूस हो रही है, तो फौरन अपने हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लें। ताकि स्थिति में सुधार हो सके। दरअसल, शरीर में हार्मोन असंतुलित होने की वजह से पैरों के आसपास का हिस्सा काफी ज्यादा सूज जाता है। ऐसे संकेतों को इग्नोर करने से बचें।
थायराइड हार्मोन का स्तर बढ़ने पर बार-बार हाथ-पैर काफी ज्याजा सुन्न होने लगते हैं। कई बार मरीजों पैरों में सुन्नता जैसा महसूस होता है। दरअसल, शरीर में थायराइड हार्मोन अंसतुलित होने पर नसों पर काफी दबाब पड़ता है, जिसकी वजह सै पैरों के आसपास काफी सुन्नता महसूस होती है। अगर आपको ऐसे संकेत नजर आ रहे हैं, तो एक बार अपने हेल्थ एक्सपर्ट की मदद लें। ताकि आपकी स्थिति में सुधार हो सके।
थायराइड में पैरों में पानी भरने जैसा महसूस होता है। इस स्थिति में पैरों का हिस्सा काफी ज्यादा फूल जाता है। ऐसे संकेतों को इग्नोर न करें। अपनी स्थिति की तुरंत जांच कराएं।
थायराइड की स्थिति में शरीर में काफी ज्यादा हार्मोन बढ़ने की वजह से कई डिजीज होने का खतरा रहता है, जैसे-
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।