
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : September 13, 2024 8:01 AM IST
Signs Of Kidney Damage In Urine: किडनी हमारे शरीर का एक अहम अंग है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों और गंदगी को फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकलने का काम करती है। अगर किडनी में थोड़ी भी गड़बड़ी आ जाए, तो इससे शरीर के कई प्रमुख अंग प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किडनी को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। लेकिन आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण किडनी से जुड़ी समस्याएं लोगों में तेजी से बढ़ रही हैं। किडनी में खराबी होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं। इनमें से कुछ लक्षण पैरों में भी दिखाई दे सकते हैं। यदि समय रहते इन लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो किडनी को डैमेज होने से बचाया जा सकता है। आज इस लेख में हम आपको पैरों में नजर वाले आने वाले कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो किडनी डैमेज की ओर इशारा कर सकते हैं।
किडनी डैमेज होने पर पैरों और टखनों में सूजन की समस्या हो सकती है। दरअसल, जब किडनी ठीक तरह से काम नहीं कर पाती है, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसकी वजह से पैरों और टखनों में सूजन आ जाती है। इसे मेडिकल भाषा में एडिमा कहते हैं। अगर आपको भी बिना स्पष्ट कारण पैरों में सूजन नजर आ रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पैरों में दर्द और ऐंठन होना भी किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में पैरों में भारीपन भी महसूस हो सकता है। दरअसल, किडनी में खराबी होने पर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन हो सकता है, जिससे पैरों में दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है। कई बार यह दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि व्यक्ति को चलने-फिरने में भी दिक्कत हो सकती है। अगर आपको भी बार-बार इस तरह की परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच करवाएं।
पैरों में ठंडक या सुन्नपन महसूस होना भी किडनी में खराबी का संकेत हो सकता है। दरअसल, किडनी खराब होने पर रक्त प्रवाह में कमी हो सकती है, जिसके कारण पैरों में ठंडे या सुन्न महसूस हो सकते हैं। अगर आपके पैरों के तलवे हमेशा ठंडे रहते हैं, तो इस तरह के संकेत को इग्नोर करने से बचें। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच करवानी चाहिए।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।