गर्भाशय की कौन सी समस्याएं इनफर्टिलिटी का कारण बनती हैं? डॉक्टर से समझिए

Uterus Problems Causing Infertility : महिलाओं में बच्चेदानी से जुड़ी समस्याएं कई गंभीर परेशानियों की ओर इशारा करते हैं। मुख्य रूप से इसकी वजह से महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : April 24, 2024 4:46 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By:

Uterus Problems Causing Infertility : कंसीव करने से लेकर डिलीवरी होने तक गर्भाशय का काफी योगदान रहता है। ऐसे में अगर गर्भाशय यानी बच्चेदानी में किसी तरह की परेशानी हो जाए, तो महिलाओं को कंसीव करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए बच्चेदानी में होने वाली परेशानियों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। अगर आप इन परेशानियों को नजरअंदाज करते हैं, तो इनफर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी हो सकती है। जी हां, बच्चेदानी से जुड़ी परेशानियां महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती हैं। इस विषय की जानकारी के लिए हमने गुरुग्राम के सीके बिरला हॉस्पिटल मे ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट की लीड कंसल्टेंट डॉ. आस्था दयाल से बातचीत की है। आइए जानते जानते हैं गर्भाशय की किन समस्याओं की वजह से इनफर्टिलिटी की परेशानी हो सकती है?

बच्चेदानी में गांठ होना (Uterine fibroid cause infertility)

गर्भाशय फाइब्रॉएड महिलाओं में होने वाली सबसे आम ट्यूमर है। इस परेशानी की वजह से महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। NCBI की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चेदानी में गांठ की वजह से 2-3% महिलाओं में इनफर्टिलिटी की परेशानी देखी गई है। फाइब्रॉएड की परेशानी की वजह से कई तरह की समस्याएं होती हैं, जिसमें  इनफर्लिटी भी शामिल है।

गर्भाशय में पॉलीप्स होना (Uterine polyps cause infertility)

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, गर्भाशय में पॉलीप्स बनना महिलाओं में इनफर्टिलिटी की वजह बन सकती है। दरअसल, गर्भाशय में पॉलीप्स जब बन जाता है, तो इससे निषेचित अंडे के लिए गर्भाशय की दीवारों से जुड़ना काफी ज्यादा  कठिन हो जाता है। पॉलीप्स शुक्राणु (Sperm) को अंडे से जुड़ने से रोकता है। ऐसे में स्पर्म को गर्भाशय में प्रवेश करने में परेशानी होती है, जिसकी वजह से महिलाओं में इनफर्टिलिटी की परेशानी हो सकती है।

इनफर्टिलिटी का कारण बनती है एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis causes infertility)

एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं को होने वाली बच्चेदानी से जु़ड़ी परेशानी है। इस परेशानी में गर्भाशय के बाहर सेल्स विकसित होने लगती हैं। मुख्य रूप से ये सेल्स फैलोपियन ट्यूब्स, ओवरीज या अन्य पैल्विक अंगों की ओर बढ़ते हैं। ऐसे में महिलाओं को कंसीव करने में परेशानी आती है।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंडोमेट्रियोसिस गर्भवती होने में कठिनाई या इनफर्टिलिटी के जोखिमों को बढ़ावा देता है। अध्ययनों से पता चला है कि लैप्रोस्कोपी के समय देखी जाने वाली एंडोमेट्रियोसिस की मात्रा फ्यूचर की प्रजनन क्षमता से जुड़ी होती है।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source