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नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियों को कंट्रोल करते हैं ये 3 पोषक तत्व, जानिए तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने के उपाय

Nutrition for nervous system: शरीर की नर्व (तंत्रिकाओं) का स्वस्थ और मजबूत रहना बेहद जरूरी है। चलने, फिरने से लेकर संकेतों को अंगों तक पहुंचाने का काम तंत्रिकाएं ही करती हैं।

नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियों को कंट्रोल करते हैं ये 3 पोषक तत्व, जानिए तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने के उपाय

Written by Atul Modi |Updated : May 31, 2024 8:31 PM IST

हमारा पूरा शरीर तंत्रिकाओं के जाल से बंधा है। तंत्रिकाएं ही मस्तिष्क से संदेशों को मांसपेशियों और अन्य ऊतकों तक पहुंचाती हैं। ये तंत्रिकाएं ही हैं जो रक्त परिसंचार से लेकर हार्मोन को अंगों तक पहुंचाने सहित शरीर के अन्य जरूरी काम करती हैं। ऐसे में शरीर की नसों का सेहतमंद होना बेहद जरूरी है। अपनी डाइट में कुछ अहम विटामिन और पोषक तत्व शामिल करके आप अपने नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रख सकते हैं। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका शेरावत ने हाल ही में तंत्रिकाओं को मजबूत बनाने को लेकर अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर जानकारी शेयर की। आइए जानते हैं कौन से हैं ये पोषक तत्व।

1. अमीनो एसिड है नसों का आहार

अमीनो एसिड तंत्रिकाओं के लिए बेहद जरूरी है। अमीनो एसिड तंत्रिका कोशिकाओं की मरम्मत और रखरखाव करता है। यह क्षतिग्रस्त तंत्रिकाओं को ठीक करने और नए तंत्रिका कनेक्शन बनाने में मददगार होते हैं। सेलेनियम, जिंक और मैग्नीशियम सबसे जरूरी अमीनो एसिड में शामिल हैं।

सेलेनियम: यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो तंत्रिका कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाता है। यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन में भी मदद करता है, जो तंत्रिका विकास और कार्य के लिए जरूरी है। सेलेनियम की कमी से तंत्रिका संबंधी समस्याएं, जैसे अल्जाइमर और पार्किंसन रोग हो सकते हैं। अपनी डाइट में ब्राजील के नट, टूना मछली, सार्डिन मछली, मैकेरल मछली, साबुत अनाज को शामिल करके आप सेलेनियम पा सकते हैं।

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जिंक : जिंक तंत्रिका कोशिकाओं के विकास और कार्य के लिए जरूरी है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करता है और सूजन को कम करता है। जिंक की कमी से तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसकी कमी के कारण स्वाद, गंध और स्पर्श महसूस न करने जैसी हानि हो सकती है। दाल, मटर, बीन्स, नट्स, सीड्स, सीफूड आदि जिंक से भरपूर होते हैं।

मैग्नीशियम: यह मिनरल तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संकेतों के संचार में मददगार है। यह मांसपेशियों को आराम करने और तनाव को कम करने में भी मदद करता है। मैग्नीशियम की कमी से चिंता, अवसाद और अनिद्रा जैसी परेशानियां हो सकती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, सीड्स, साबुत अनाज, एवोकाडो, केला मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत हैं।

2. ये खाद्य पदार्थ देंगे मजबूती

तंत्रिकाओं की मजबूती में आपका आहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करके आप तंत्रिकाओं तक पूरा पोषण पहुंचा सकते हैं।

मेवे और सीड्स : बादाम, अखरोट, चिया बीज और अलसी के बीज जैसे नट्स और सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ई, मैग्नीशियम और जिंक के अच्छे स्रोत हैं। ये पोषक तत्व तंत्रिका कोशिकाओं की रक्षा करने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

साबुत अंडे : अंडे भी आपके तंत्रिका तंत्र को पोषण देते हैं। इसके लिए आप साबुत अंडे खाएं, यानी अंडे का पीला और सफेद दोनों को डाइट में शामिल करें। हालांकि इन्हें सीमित मात्रा में खाएं। इसमें विटामिन बी 12, मैग्नीशियम और अमीनो एसिड होते हैं।

केला : केले पोटेशियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत हैं, जो तंत्रिका तंत्र के लिए जरूरी है। पोटेशियम तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संकेतों के संचार में मदद करता है और मांसपेशियों को आराम भी देता है। इससे थकान, ऐंठन दूर होती है। इसमें विटामिन बी 6 भी होता है, जो तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखता है।

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ये भी हैं जरूरी : तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए कई अन्य तत्व भी बेहद जरूरी हैं। बीन्स, ब्राउन राइस, दालें, पालक और सी फूड आदि को आप अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाएं।

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