ज्यादा मोबाइल स्क्रॉलिंग कर रही हैं? यह 3 हार्मोन हो रहे हैं प्रभावित

ज्यादा मोबाइल चलाने से हार्मोन्स प्रभावित होते हैं और इसकी वजह से आपकी सेहत बिगड़ सकती है। इसलिए आपको ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

ज्यादा मोबाइल स्क्रॉलिंग कर रही हैं? यह 3 हार्मोन हो रहे हैं प्रभावित

Written by Anju Rawat |Published : December 14, 2025 10:05 AM IST

Mobile Scrolling Affects in Hindi: सुबह आंख खुलते ही मोबाइल, दिन में ब्रेक में मोबाइल और रात को सोने से पहले भी आखिरी स्क्रॉल करना… ये ज्यादातर लोगों की आदत है। फिर भी कई लोगों की लगता है कि यह स्क्रीन टाइम ज्यादा नहीं है। आजकल ज्यादातर लोग घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, रील्स, सोशल मीडिया, चैट और ऑनलाइन काम करते हैं। यह आदत भले ही आम लगती हो, लेकिन इसका असर सिर्फ आंखों या दिमाग पर नहीं संपूर्ण सेहत पर पड़ता है। लगातार मोबाइल स्क्रॉल करने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है। यानी मोबाइल स्क्रॉलिंग हार्मोन्स की सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। आइए, जानते हैं कि ज्यादा मोबाइल स्क्रॉलिंग से किन 3 अहम हार्मोन्स पर असर पड़ता है?

1. मेलाटोनिन हार्मोन

मेलाटोनिन को स्लीप हार्मोन भी कहा जाता है। यह हार्मोन सोने के समय के लिए जरूरी होता है। लेकिन, मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को कम कर देती है। इससे अनिद्रा यानी नींद न आने की समस्या हो जाती है। रात के समय बार-बार नींद टूटती है और थकान-कमजोरी भी महसूस होती है। मेलाटोनिन का असर आंखों और सिर पर भी पड़ता है। इसलिए आपको सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल दूर कर देना चाहिए।

2. डोपामिन हार्मोन

डोपामिन को फील-गुड हार्मोन भी कहा जाता है। यानी यह हार्मोन तब रिलीज होता है, जब आप खुशी महसूस करते हैं। जैसे की जब आप कोई मजेदार रील देखते हैं, आपको लाइक या मैसेज मिलता है, तो दिमाग में डोपामिन रिलीज होता है। यही वजह है कि आप घंटों रील देखने में ही बिता देते हैं। जब आप ज्यादा देर तक मोबाइल चलाते हैं और इससे डोपामिन हार्मोन रिलीज होता है, तो मोबाइल की लत लग जाती है। इससे ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल होती है। इसकी वजह से रियल लाइफ में खुशी कम महसूस होने लगती है। मोबाइल के बजाय आप वॉक, म्यूजिक, योग या किसी हॉबी को समय दें।

Also Read

More News

3. कोर्टिसोल हार्मोन

कोर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। ज्यादा मोबाइल, सुबह उठकर मोबाइल चलाना या देर रात तक फोन चलाने से कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इसकी वजह से चिड़चिड़ापन और बेचैनी महसूस हो सकती है। इससे आपको बिना वजह का तनाव महसूस हो सकता है। स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से पेट के आसपास की चर्बी बढ़ने लगती है। इतना ही नहीं, महिलाओं को अनियमित पीरियड्स का सामना भी करना पड़ सकता है।

TRENDING NOW

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।