
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 2, 2024 2:56 PM IST
Diabetes Cases In India Rising Causes: भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या इतनी अधिक हो चली है कि हमारे देश को अब विश्व का डायबिटीज कैपिटल कहा जाने लगा है। डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है और यह समस्या जिंदगीभर बनी रहती है। आंकडों के अनुसार भारत में 10 करोड़ से अधिक लोगों को मधुमेह या डायबिटीज के मरीज बन चुके हैं। वहीं, हमारे देश में कई करोड़ लोग प्री-डायबिटीज हैं। प्री-डायबिटीज (prediabetes) एक ऐसा स्टेज है जहां पीड़ित व्यक्ति किसी भी समय डायबिटीज की चपेट में आ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार गोवा, पुदुचेरी, गुजरात और केरल के राज्यों में डायबिटीज के मरीज हैं। वहीं राजधानी दिल्ली में 8 प्रतिशत आबादी डायबिटीज की चपेट में आ चुकी है। (Diabetes Cases In India)
अब सवाल उठता है कि ऐसा क्या हुआ है कि भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या इतनी अधिक बढ़ चुकी है। इस लेख में बात करते हैं एक नयी स्टडी के बारे में जो बताती है कि भारत में क्यों तेजी से डायबिटीज की बीमारी फैल रही है और क्यों भारतीय डायबिटिक्स बन रहे हैं। आइए जानें भारत में डायबिटीज बढ़ने के प्रमुख कारण, इसके लक्षण और इसके इलाज के तरीकों के बारे में।
आमतौर पर डायबिटीज की बीमारी का सबसे बड़ा खतरा जेनेटिक्स और पारिवारिक इतिहास है, जहां किसी व्यक्ति को मां-बाप से यह बीमारी विरासत में मिल सकती है। लेकिन, स्टडीज के अनुसार कुछ अन्य कारणों से लोगों में टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क बढ़ रहा है। डायबिटीज के मुख्य कारण ये हैं-
सुस्त रहना, कसरत ना करना और आलस करने की आदत कई लोगों में देखी जाती है। भारत में अधिकांश लोग कसरत नहीं करते वहीं,कुछ लोग ऐसे हैं जो नियमित एक्सरसाइज नहीं करते। फिजिकल एक्टिविटीज से जी चुराने की यह आदत ही लोगों को डायबिटीज जैसी बीमारियों का शिकार बनाने का काम करती है।
आजकल तनाव हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है और लोग घर-बाहर, ऑफिस और यहां तक कि अपने सोशल सर्किल में भी अलग-अलग कारणों से बहुत अधिक तनाव महसूस करते हैं। यह अतिरिक्त तनाव लोगों की मेंटल हेल्थ को तो खराब करता ही है, साथ ही यह शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। स्ट्रेस पैंक्रियाज जैसे अंगों को भी प्रभावित करते हैं जो शरीर में इंसुलिन लेवल और ग्लूकोज लेवल को मैनेज करने में मदद करते हैं। जब पैंक्रियाज ठीक तरीके से काम नहीं करते तो शरीर में इंसुलिन का निर्माण सही तरीके से नहीं हो पाता और रक्त में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। ये स्थितियां डायबिटीज का रिस्क बढ़ा देती हैं।
काम के दौरान बार-बार चाय-कॉफी पीना, गर्मी लगने पर कोल्ड्रिंक पीना और बार-बार कुकीज, केक और चॉकलेट्स का सेवन करने की आदत लगभग हर किसी में देखी जाती है। हमारे देश में लोग इन सब चीजों के जरिए बहुत अधिक मात्रा में शक्कर का सेवन कर लेते हैं। इसी तरह कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर फूड्स और मैदा जैसे रिफाइंड फूड्स में भी शुगर पायी जाती है। यह अतिरिक्त शक्कर आपकी हेल्थ पर खराब असर डाल सकती है और यह डायबिटीज का रिस्क बढ़ा सकती है।