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मानसून की विदाई हो चुकी है। अब मौसम में थोड़ा बहुत बदलाव भी महसूस किया जा रहा है। सुबह और शाम चिपचिपी गर्मी के बजाय हल्की हवा चल रही है। यह मौसम फील करने के लिए तो बहुत अच्छा होता है। लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से सही नहीं है। जिस तरह मानसून में संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ता है उसी तरह मानसून के बाद भी कुछ ऐसे रोग हैं जो तेजी से फैलते हैं। ऐसे रोगों की चपेट में महिलाएं, पुरुषों की तुलना में जल्दी आती है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाओं की इम्युनिटी थोड़ी कमजोर होती है इसलिए उनका शरीर रोगों से जल्दी लड़ नहीं पाता है। इसलिए महिलाओं को मानसून के बाद अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। आज हम आपको 3 ऐसी बीमारियों के बारे में बता रहे हैं जो मानसून के बाद तेजी से फैलती हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं ये बीमारियां और क्या हैं इनसे बचाव के तरीके-
मानसून यानि कि बरसात के बाद डायरिया का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ता है। यह रोग संक्रमण से फैलता है। डायरिया होने पर पेट में दर्द और ढीला मल निकलने की दिक्कत होती है। इसलिए ऐसे बदलते मौसम में बाहर का खाने से बचें। अगर कोई पकी हुई चीज बच जाती है तो उसे फ्रिज में ढककर रखें। पानी से कई तरह के रोग होते हैं इसलिए डायरेक्ट पानी पीने से बचें। या तो फिल्टर किया हुआ पानी पीएं या फिर पानी को उबालकर उसे ठंडा कर पीएं। जरा सी लापरवाही आपकी आंतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि रोगी को साफ और स्वच्छ आहार दिया जाए।
मानसून के बाद लोगों को सबसे ज्यादा बुखार, सर्दी-जुकाम और गले में दर्द की समस्या होती है। भले ही आपको मौसम की ठंडक और बदलाव का एहसास न हो लेकिन यह मान लें मौसम बदल चुका है और आपको अपना ध्यान रखने की जरूरत है। अगर आप स्वस्थ भी हैं तब भी फ्रिज का खाना और पानी इस मौसम में एकदम बंद कर दें। अगर संभव हो तो हल्का गुनगुना पानी पीएं। बाहर से आने के बाद एकदम पंखे के नीचे न बैठें।
बदलते मौसम में या मानसून के बाद लोगों को जोड़ों में तेज दर्द की समस्या भी होती है। यूं तो अधिकतर बुजुर्ग या 50 की उम्र के बाद के लोग इस समस्या से प्रभावित होते हैं, लेकिन यह अन्य उम्र के लोगों को भी हो सकती है। अगर आपकी उम्र 50 से अधिक है तो अपने शरीर को ढक कर रखें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें और गर्म चीजों का सेवन करें। क्योंकि ठंड की वजह से आपकी समस्या बढ़ सकती है।
1. फ्लैक्सीड यानि कि अलसी के बीज इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बेस्ट हैं। फ्लैक्सीड में फाइबर के साथ ही ओमेगा-3 और फैटी एसिड होता है। जो शरीर को अंदर से मज़बूत बनाने के साथ इम्यूनिटी को स्ट्रॉंग करते हैं।
2. साइट्रस फ्रूट्स यानि खट्टे फलों का सेवन भी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। इसीलिए बीमार होने पर डॉक्टर खट्टे फल खाने की सलाह देते हैं। इन फलों में मौजूद विटामिन सी आपके इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है।
3. लहसुन न सिर्फ सब्जी का स्वाद बढ़ाता है बल्कि इम्युनिटी भी मजबूत करता है। कच्चा लहसुन खाने से इम्यूनिटी को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। लहसुन में लिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम के अलावा विटामिन ए और विटामिन ई जैसे तत्व मौजूद होते हैं। जो, इम्यून सिस्टम को बूस्ट करते हैं।
4. इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए दही का सेवन भी फायदेमंद साबित होता है। दही खाने से इम्यूनिटी बढ़ती है। इसके अलावा पेट की समस्याओं जैसे, एसिडिटी, ब्लोटिंग, पेट में जलन और इनडायजेशन जैसी परेशानियों से भी राहत दिलाता है।
5. जी हां, टमाटार भी इम्युनिटी बूस्टर का काम करता है। टमाटर के फ्री-रैडिकल्स डैमेज़ से शरीर को बचाता है। जिससे, कई गम्भीर बीमारियों का खतरा कम होता है। इसके साथ ही टमाटर दिल को भी हेल्दी रखता है। यह रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जिससे गुड कोलेस्ट्रॉल का लेवल संतुलित रहता है और दिल की बीमारियों का ख़तरा भी कम रहता है।