इन 12 संकेतों से समझ जाएं पूरी तरह से सड़ चुका है लिवर, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर
इन 12 संकेतों से समझ जाएं पूरी तरह से सड़ चुका है लिवर, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर
Liver Damage Symptoms : लिवर डैमेज के शुरुआती और आखिरी स्टेज में कई तरह के संकेत नजर आते हैं। इन संकेतों पर ध्यान देकर आप अपनी स्थिति में सुधार कर सकते हैं।
Written By:
Kishori Mishra
| Updated : July 7, 2024 2:55 PM IST
Liver Damage Symptoms : लिवर हमारे शरीर का प्रमुख अंग माना जाता है, इसकी मदद से शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को बाहर किया जा सकता है। पेट और आंतों से निकलने वाला ब्लड लिवर से ही होकर गुजरता है। लिवर इन ब्लड को संसाधित करता है और पोषक तत्वों को तोड़ता है, साथ ही इसे संतुलित करता है। इसके अलावा लिवर के कई जरूरी कार्य होते हैं। ऐसे में लिवर को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी होता है। लिवर से जुड़ी समस्याओं को अधिकतर लोग इग्नोर करते हैं, क्योंकि उन्हें इसकी वजह से दिखने वाला लक्षण काफी सामान्य होते हैं। हालांकि, इन लक्षणों को आपको इग्नोर करने से बचना चाहिए। अगर आप इन लक्षणों को इग्नोर करते हैं, तो गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। आइए दिन में किसी भी वक्त दिखने वाले लिवर डैमेज के लक्षण क्या हैं?
लिवर डैमेज के शुरुआती लक्षण
लिवर में किसी तरह की खराबी या फिर परेशानी की वजह से शरीर कई तरह के संकेत शुरुआत में ही देने लगता है। इन संकेतों पर ध्यान देकर स्थिति में सुधार किया जा सकता है, जैसे-
पेट में दर्द महसूस होना
भूख न लगना
थकान काफी ज्यादा रहना
बीमार जैसे महसूस करना
दस्त की परेशानी होना
सामान्य रूप से अस्वस्थ महसूस होना
लिवर डैमेज के आखिरी स्टेज के लक्षण
जैसे-जैसे लिवर अधिक गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होता जाता है, इसके लक्षण अधिक स्पष्ट और गंभीर नजर आने लगते हैं, जैसे-
स्किन या आंखों के सफेद भाग का हिस्सा पीला पड़ना (पीलिया)
पैरों, टखनों और पैरों में तरल पदार्थ भर जाना, जिसकी वजह से पैरों में सूजन होना
पेट में जल भर जाने की वजह से काफी सूजन जैसा दिखना
तेज बुखार और कंपकंपी होना
स्किन में काफी ज्यादा खुजली होना।
बालों का झड़ना
असामान्य रूप से मुड़ी हुई उंगलियां और नाखून (क्लब्ड उंगलियां)
धब्बेदार लाल हथेलियां
काफी ज्यादा वजन कम होना
कमजोरी और मांसपेशियों का डैमेज होना
भ्रम और मेमोरी से जुड़ी समस्याएं, नींद न आना (अनिद्रा) और मस्तिष्क में विषाक्त पदार्थों के निर्माण के कारण आपके व्यक्तित्व में परिवर्तन जैसा महसूस होना
आंतरिक स्त्राव के कारण काला, चिपचिपा मल और खून की उल्टी होना
बार-बार नाक से खून आना और मसूड़ों से खून आना, इत्यादि।
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