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Written By: Atul Modi | Updated : August 20, 2021 9:05 AM IST
मलेरिया (Malaria) एक जानलेवा बीमारी है जो परजीवी के कारण होती है यह संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से लोगों में फैलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2019 में विश्वभर में मलेरिया के करीब 23 करोड़ मामले थे, और मलेरिया से होने वाली मौतों की अनुमानित संख्या 4 लाख से ज्यादा थी। मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों में परजीवी प्लास्मोडियम जीनस (Plasmodium Genus) के होते हैं। 100 से अधिक प्रकार के प्लास्मोडियम परजीवी (Plasmodium Parasite) विभिन्न प्रजातियों को संक्रमित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो, वैसे तो मलेरिया परजीवी प्लास्मोडियम ( Parasite Plasmodium) की कई प्रजातियां हैं, लेकिन उनमें से मुख्य रूप से पांच ही प्रजातियां मनुष्यों को संक्रमित करती हैं और मलेरिया का कारण बनती हैं। एक बार जब एक संक्रमित मच्छर किसी इंसान को काट लेता है, तो परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित और नष्ट करने से पहले यकृत (Liver) में बढ़ते हैं।
इस लेख में हम आपको मलेरिया के मच्छरों की 5 मुख्य प्रजातियों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं, जानें कौन सी प्रजाती है सबसे ज्यादा खतरनाक।
यह उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है जो गंभीर मलेरिया से होने वाली मौतों में प्रमुख योगदानकर्ता है। इस प्रजाति से मलेरिया फैलने के बाद पीड़ित या तो कोमा में जा सकता है या फिर कुछ घंटों/दिनों के भीतर उसकी मृत्यु हो जाती है। सबसे अधिक मलेरिया भी इसी परजीवी के माध्यम से फैलता है।
कैसे पहचानें: इसमें रोगी को बहुत ठंड लगने के साथ उसके सिर में भी दर्द बना रहता है और उल्टियां होती हैं।
विवैक्स परजीवी ज्यादातर दिन के समय काटता है. यह मच्छर बिनाइन टर्शियन मलेरिया पैदा करता है जो हर तीसरे दिन अर्थात 48 घंटों के बाद अपना असर दिखाना शुरू करता है।
कैसे पहचानें: इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को कमर दर्द, सिर दर्द, हाथों में दर्द, पैरों में दर्द, भूख ना लगने के साथ तेज बुखार भी बना रहता है
ये परजीवी मनुष्य के लिए बहुत अधिक घातक नहीं है यह सिर्फ मामूली मलेरिया ही फैलाते हैं इनसे मौत का खतरा नहीं रहता। इस तरह का मलेरिया बिनाइन टर्शियन मलेरिया उत्पन्न करता है।
कैसे पहचानें: इसकी पहचान करना भी मुश्किल है.
मलेरिया मच्छर का यह प्रकार बेनाइन मलेरिया के लिए जिम्मेदार होता है, प्लाजमोडियम ओवेल की तरह इस मलेरिया से भी व्यक्ति को कोई घातक नुकसान नहीं होता है।
कैसे पहचानें: इस रोग में क्वार्टन मलेरिया उत्पन्न होता है, जिसमें मरीज को हर चौथे दिन बुखार आ जाता है. इसके अलावा रोगी के यूरिन से प्रोटीन निकलने लगते हैं। जिसकी वजह से शरीर में प्रोटीन की कमी होकर उसके शरीर में सूजन आ जाती है।
यह पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता है मलेरिया मच्छर का यह प्रकार जटिल मामले से एक गंभीर मलेरिया संक्रमण के लिए तेजी से प्रगति कर सकता है।
कैसे पहचानें: इसमें किसी रोगी को सिर दर्द, भूख ना लगना जैसे संकेत या लक्षण देखने को मिल सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मुख्य रूप से मच्छरों की 5 परजीवी प्रजातियां हैं जो मनुष्यों में मलेरिया का कारण बनती हैं, लेकिन इनमें से 2 प्रजातियां - प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम और प्लास्मोडियम वाइवैक्स - सबसे बड़ा खतरा हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो फाल्सीपेरम मलेरिया (Falciparum Malaria) संभावित रूप से जानलेवा है। गंभीर फाल्सीपेरम मलेरिया के मरीजों में लीवर और किडनी फेल होने, ऐंठन और कोमा का जोखिम अधिक होता है। हालांकि पी. विवैक्स और पी. ओवले के साथ, कभी-कभी गंभीर संक्रमण आमतौर पर कम गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं, लेकिन परजीवी कई महीनों तक लीवर में निष्क्रिय रह सकते हैं, जिससे महीनों या वर्षों बाद भी लक्षण फिर से प्रकट हो सकते हैं।